उमेश पाल हत्याकांड का आरोपी अरमान गया जेल में मिला, 5 लाख का था इनाम; प्रयागराज लाने की तैयारी

गया/प्रयागराज। उमेश पाल हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे अतीक अहमद गैंग के कथित शूटर मोहम्मद अरमान का आखिरकार पता चल गया है। यूपी पुलिस पिछले करीब तीन साल से उसकी तलाश कर रही थी और उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अब सामने आया है कि अरमान बिहार की गया सेंट्रल जेल में बंद है। यूपी पुलिस उसे प्रयागराज लाकर उमेश पाल हत्याकांड के मामले में पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई करना चाहती है।

गया जेल के रिकॉर्ड से हुई पहचान

अरमान के गया जेल में बंद होने की जानकारी मिलने के बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस टीम 30 सितंबर को गया पहुंची। पुलिस ने जेल के रिकॉर्ड की जांच कर अरमान की पहचान की। इसके बाद उसकी ताजा तस्वीर लेने के साथ अंगूठे के निशान भी लिए गए।

पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यूपी पुलिस ने उसे प्रयागराज लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से गया सिविल कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन भी दिया गया है।

27 फरवरी 2023 से गया जेल में बंद

मोहम्मद अरमान मूल रूप से गया शहर के कठोकर तालाब इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद वह प्रयागराज से गया लौट आया था। इसी दौरान उसके खिलाफ एक फायरिंग का मामला दर्ज हुआ।

भोलू अंडा वाले के पास हुई फायरिंग के मामले में नाम आने के बाद अरमान ने अदालत में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उसे गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि वह 27 फरवरी 2023 से लगातार गया जेल में बंद है।

इस दौरान प्रयागराज पुलिस उसे उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी के तौर पर तलाश करती रही, लेकिन उसके बिहार की जेल में बंद होने की जानकारी सामने नहीं आ सकी।

24 फरवरी 2023 को हुई थी उमेश पाल की हत्या

प्रयागराज में 24 फरवरी 2023 को वकील उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज और जांच में अरमान का नाम भी सामने आया।

पुलिस के आरोपों के मुताबिक, वारदात के समय एक बाइक पर अरमान और अतीक अहमद गैंग से जुड़ा आरोपी गुड्डू मुस्लिम मौजूद था। आरोप है कि बाइक अरमान चला रहा था, जबकि पीछे बैठे गुड्डू मुस्लिम ने उमेश पाल और उनके साथ मौजूद लोगों पर गोलीबारी की।

यूपी पुलिस ने घोषित किया था 5 लाख का इनाम

जांच आगे बढ़ने के बाद अरमान का नाम पुलिस की वांटेड सूची में शामिल किया गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम के एनकाउंटर के बाद यूपी एसटीएफ ने अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन और गुड्डू मुस्लिम समेत कई आरोपियों की तलाश तेज की थी। वहीं अरमान पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। अब उसके गया जेल में बंद होने की जानकारी सामने आने के बाद यूपी पुलिस उसे अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रही है।

ट्रांजिट रिमांड पर अदालत में सुनवाई

प्रयागराज पुलिस ने अरमान को यूपी ले जाने के लिए 1 अक्टूबर को गया सिविल कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दाखिल की है। इसके जरिए पुलिस उसे प्रयागराज ले जाकर उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े मामले में पूछताछ करना चाहती है।

फिलहाल ट्रांजिट रिमांड की अर्जी पर अदालत में प्रक्रिया चल रही है। अदालत के आदेश के बाद ही तय होगा कि यूपी पुलिस अरमान को प्रयागराज ले जा सकेगी या नहीं।

परिवार ने बताया निर्दोष

अरमान के माता-पिता शमीम और असगरी खातून ने अपने बेटे को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि अरमान प्रयागराज में रहकर छोटा-मोटा काम करता था और वह पेशेवर अपराधी नहीं है। परिवार की ओर से अदालत में भी इस संबंध में अर्जी दी गई है।

वहीं, अरमान के अधिवक्ता ललित कुमार गुप्ता ने यूपी ले जाए जाने की स्थिति में उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया। वकील का आरोप है कि अरमान को यूपी के मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है।

फिलहाल अरमान गया सेंट्रल जेल में बंद है। उसकी ट्रांजिट रिमांड को लेकर अदालत के फैसले का इंतजार है। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि उसे प्रयागराज पुलिस अपनी हिरासत में लेकर उमेश पाल हत्याकांड की जांच में आगे की कार्रवाई कर पाएगी या नहीं।