चारधाम यात्रा को मिलेगी बड़ी राहत, कर्णप्रयाग और सिमली में बनेंगी नई पार्किंग; 7.72 करोड़ रुपये होंगे खर्च

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए आधारभूत सुविधाओं को लगातार मजबूत कर रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में कर्णप्रयाग और सिमली पार्किंग परियोजनाओं की विस्तृत वित्तीय समिति (DFC) की बैठक हुई।

बैठक में दोनों परियोजनाओं के वित्तीय, तकनीकी और निर्माण से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कर्णप्रयाग पार्किंग परियोजना की अनुमानित लागत 373.75 लाख रुपये है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां 22 चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी।

पार्किंग के प्रथम तल पर आधुनिक कमर्शियल हॉल भी प्रस्तावित है। इससे स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ परियोजना से राजस्व सृजन की भी संभावना है।

वर्तमान में कर्णप्रयाग मुख्य बाजार में सड़क किनारे अनियोजित पार्किंग के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है। चारधाम यात्रा के दौरान वाहनों का दबाव और बढ़ जाता है। नई पार्किंग बनने से बाजार में यातायात व्यवस्था बेहतर होने और यात्रियों को व्यवस्थित पार्किंग मिलने की उम्मीद है।

सिमली पार्किंग परियोजना की अनुमानित लागत 398.85 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें 30 चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग विकसित की जाएगी।

सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर स्थित महत्वपूर्ण जंक्शन है। यहां से चारधाम यात्रा मार्ग के साथ श्री नंदा देवी राजजात यात्रा और गैरसैंण की ओर जाने वाले मार्ग भी जुड़े हैं। यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनती है।

नई पार्किंग सुविधा तैयार होने के बाद सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग कम होगी और यातायात संचालन अधिक सुरक्षित एवं सुचारु होने की उम्मीद है।

बैठक में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने परियोजनाओं के वित्तीय और तकनीकी पहलुओं पर आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को जल्द बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार चारधाम यात्रा मार्गों पर आधुनिक और टिकाऊ आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग और सिमली की परियोजनाएं केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य यातायात प्रबंधन बेहतर करना, यात्रियों को सुविधा देना और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना भी है।

इन दोनों परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत करीब 7.73 करोड़ रुपये है। सरकार का मानना है कि इनके निर्माण से चारधाम यात्रा के दौरान यातायात दबाव कम करने में मदद मिलेगी और स्थानीय बाजारों को भी राहत मिलेगी।