देहरादून। एडिफाई वर्ल्ड स्कूल, देहरादून में संस्थान के निदेशक एडवोकेट डॉ. पंकज होलकर का जन्मदिवस हर्षोल्लास, गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समारोह और भी विशेष बन गया, क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका की सीडर ब्रुक यूनिवर्सिटी ने उन्हें शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (ऑनोरिस कॉसा) की मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया है। इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, शिक्षाविदों, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान डॉ. पंकज होलकर को विशेष आवश्यकता (स्पेशल नीड) वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास, समावेशी शिक्षा और साहसिक गतिविधियों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व निर्माण के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक समय से किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया है। पिछले 33 वर्षों से वे शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहकर हजारों बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं।
स्पेशल नीड बच्चों के लिए समर्पित रहा जीवन
डॉ. होलकर ने ‘मानव’ नामक स्वैच्छिक युवा संगठन की स्थापना कर देशभर में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अनेक राष्ट्रीय स्तर के एडवेंचर कैंप आयोजित किए। इन शिविरों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, साहस, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया गया। उनके इन प्रयासों ने हजारों बच्चों और उनके परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और प्रेरणा का संचार किया।
‘तरंग’ पहल बनी समावेशी शिक्षा का उदाहरण
वर्ष 2015 में डॉ. होलकर ने क्लेमेंट टाउन कैंटोनमेंट के सहयोग से ‘तरंग’ स्पेशल नीड स्कूल पहल की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और सम्मानजनक शिक्षा उपलब्ध कराना था। वर्तमान में इस परियोजना के तहत 150 से अधिक विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ‘तरंग’ आज उत्तराखंड में समावेशी शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक प्रेरणादायी मॉडल बन चुका है।
शिक्षा, खेल और समाज सेवा का प्रेरक व्यक्तित्व
डॉ. पंकज होलकर का व्यक्तित्व शिक्षा, खेल और समाज सेवा का अनूठा संगम माना जाता है। वर्ष 1992 में उन्होंने एनसीसी सीनियर डिवीजन का प्रतिष्ठित ‘सी’ सर्टिफिकेट प्राप्त किया तथा दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ शार्प शूटर के रूप में पहचान बनाई। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी परगट सिंह उनके कोच रहे हैं, जिन्होंने उनके खेल जीवन को नई दिशा दी।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दे रहे नई पहचान
वर्तमान में होलकर एजुकेशनल ट्रस्ट के संरक्षण में संचालित एडिफाई वर्ल्ड स्कूल, देहरादून एक सीबीएसई सीनियर सेकेंडरी विद्यालय के रूप में गुणवत्तापूर्ण, मूल्यपरक और नवाचार आधारित शिक्षा प्रदान कर रहा है। डॉ. होलकर का मानना है कि प्रत्येक बच्चे को अपनी प्रतिभा पहचानने, उसे विकसित करने और जीवन में आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। इसी सोच के साथ विद्यालय में आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
विद्यालय परिवार ने दी शुभकामनाएं
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रदीप गौड़ ने डॉ. पंकज होलकर को मानद डॉक्टरेट उपाधि प्राप्त होने पर बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे एडिफाई परिवार, उत्तराखंड और देश के शिक्षा जगत के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि डॉ. होलकर का जीवन सेवा, समर्पण, नेतृत्व और मानवीय मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण है तथा उनका कार्य आने वाली पीढ़ियों को समाज के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देता रहेगा।
समारोह में डॉ. होलकर के बचपन के मित्र, सहयोगी, शिक्षाविद्, समाजसेवी, अभिभावक और विद्यालय परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन केक कटिंग, सम्मान समारोह और शुभकामना संदेशों के साथ हुआ। सभी उपस्थित लोगों ने उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना करते हुए शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके नेतृत्व में चल रहे इस प्रेरणादायी अभियान के निरंतर विस्तार का विश्वास व्यक्त किया।













