उत्तराखंड में 10 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, 43 सड़कें बंद; पहाड़ की यात्रा से बचने की अपील

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून सक्रिय होने के बाद लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 10 जुलाई तक बारिश की संभावना जताते हुए सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ कई मैदानी इलाकों में भी भारी बारिश होने की आशंका है। इसे देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश के कुछ इलाकों में 70 मिमी से अधिक बारिश दर्ज हो सकती है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह बारिश कुछ घंटों में होगी या कई दिनों में। यदि कम समय में अत्यधिक वर्षा होती है तो भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कें बाधित होने, नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

लगातार हो रही बारिश का असर सड़क संपर्क पर भी पड़ा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में 43 सड़कें बंद हैं। इनमें लोक निर्माण विभाग (PWD) की 12 और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की 31 सड़कें शामिल हैं। संबंधित विभागों द्वारा रास्ते खोलने का कार्य जारी है।

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में 40 से 70 मिमी तक बारिश होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यदि लंबे समय तक लगातार बारिश होती है तो नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए सभी जिलों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने से बचें। लगातार वर्षा के दौरान पहाड़ों में भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ जाता है।

मौसम विभाग के अनुसार बागेश्वर, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी के अलावा देहरादून और हरिद्वार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

फिलहाल, चारधाम यात्रा को लेकर कोई नई एडवाइजरी जारी नहीं की गई है, लेकिन प्रशासन ने यात्रियों से मौसम का अपडेट लेकर ही यात्रा करने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।