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ईरान-अमेरिका तनाव: युद्ध विराम पर नरमी, परमाणु मुद्दे पर अब भी गतिरोध

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच Iran और United States के बीच युद्ध समाप्त करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। हालांकि, हालिया घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का रुख कुछ नरम नजर आ रहा है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच अब भी बड़ा मतभेद बना हुआ है।

तेहरान की ओर से एक प्रस्ताव सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि यदि अमेरिका आर्थिक प्रतिबंध (नाकेबंदी) हटा ले और परमाणु वार्ता को फिलहाल टाल दे, तो ईरान युद्ध समाप्त करने और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को तैयार है। लेकिन अमेरिकी प्रशासन इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के पक्ष में नजर नहीं आ रहा।

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ कर दिया है कि परमाणु समझौते पर चर्चा को टालना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित न कर सके। उनके मुताबिक, कोई भी समझौता ऐसा होना चाहिए जो ईरान की परमाणु क्षमताओं पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित करे।

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi की Russia यात्रा के दौरान यह प्रस्ताव सामने आया। रूस पारंपरिक रूप से ईरान का सहयोगी रहा है, हालांकि इस मुद्दे पर उसकी भूमिका अभी स्पष्ट नहीं है।

क्षेत्र में जारी संघर्ष ने भारी जनहानि भी की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान, लेबनान और इजरायल समेत कई इलाकों में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैन्य और शांति बलों को भी नुकसान उठाना पड़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गतिरोध का मुख्य कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम ही है। अमेरिका इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा मानता है, जबकि ईरान अपने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता रहा है। ऐसे में जब तक इस मुद्दे पर ठोस सहमति नहीं बनती, तब तक स्थायी शांति की राह मुश्किल नजर आती है।