देश में इस साल गर्मी अपने तेवर और भी तीखे दिखा सकती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अप्रैल से जून के बीच देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक हीटवेव (लू) के दिन देखने को मिल सकते हैं। खासतौर पर गंगा के मैदानी क्षेत्रों, पूर्वी तटीय राज्यों और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई है।
IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के अनुसार, कई ऐसे इलाके हैं जहां तापमान पहले से ही 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है। उदाहरण के तौर पर विदर्भ क्षेत्र में तापमान 41-42 डिग्री तक बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश और हरियाणा में मई के दौरान पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों को अधिक गर्मी वाले दिनों के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्सों, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में लू का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है।
लोगों को सतर्क करने के लिए IMD लगातार प्रयास कर रहा है। व्हाट्सऐप ग्रुप, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और सरकारी अलर्ट सिस्टम के जरिए मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों और खेतों में काम करने वाले लोगों तक चेतावनी पहुंचाई जा रही है। साथ ही राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल के तहत मोबाइल फोन पर भी अलर्ट भेजे जा रहे हैं।
IMD हर सप्ताह विस्तारित पूर्वानुमान जारी करता है, जिसमें अगले चार हफ्तों के मौसम का अनुमान दिया जाता है। इसके अलावा जिला स्तर पर रोजाना सात दिनों की चेतावनी भी जारी की जाती है, ताकि स्थानीय स्तर पर लोग समय रहते सावधानी बरत सकें।
कुल मिलाकर, इस साल गर्मियों में लू का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें, पर्याप्त पानी पिएं और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।














