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ट्रंप का दावा: ‘बर्बादी के कगार पर ईरान’, होर्मुज खोलने की लगाई गुहार; वैश्विक ऊर्जा संकट पर टिकी नजर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान “पूरी तरह ढहने की कगार” पर है और उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द खोलने के लिए अमेरिका से गुहार लगाई है।

ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखी। उनके मुताबिक, ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट को जल्द खोल दिया जाए ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके और वह अपनी आंतरिक समस्याओं को सुलझा सके। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका ईरान में किससे बातचीत कर रहा है।

The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की ओर से कुछ अधिकारी होर्मुज खोलने को तैयार हैं, लेकिन इसके बदले वे युद्धविराम और अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा है।

ईरान ने ट्रंप के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका किसी अन्य देश को निर्देश देने की स्थिति में नहीं है। ईरानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ किया कि वे किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

ट्रंप ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने तीन दिनों के भीतर स्ट्रेट से नियंत्रण नहीं हटाया, तो उसके तेल ढांचे को गंभीर नुकसान हो सकता है। हालांकि अब वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए यह संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार हो सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का अहम मार्ग है। इसके बंद होने से भारत समेत कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा गया है। खासकर एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

यदि होर्मुज फिर से खुलता है, तो खाड़ी देशों से भारत को गैस आपूर्ति सामान्य हो सकती है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है, क्योंकि इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है।