देहरादून, उत्तराखण्ड क्रांति दल (उक्रांद) के केंद्रीय कार्यालय में दल के संरक्षक डॉ. शक्तिशेल कप्रवान के जन्मदिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय “जनता की आशाओं का केंद्र उत्तराखण्ड क्रांति दल” रखा गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय ने की। इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड क्रांति दल को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को त्याग, तपस्या और बलिदान की भावना से कार्य करना होगा। उन्होंने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए 42 आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि उनकी शहादत दल की अमूल्य धरोहर और पूंजी है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के अधूरे सपनों को साकार करने के लिए उक्रांद पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रहा है।
अपने संबोधन में डॉ. शक्तिशेल कप्रवान ने कहा कि उत्तराखण्ड क्रांति दल प्रदेश की जनता की उम्मीद बनकर उभर रहा है। उन्होंने बताया कि दल द्वारा संचालित सदस्यता अभियान के अंतर्गत गांव-गांव में “हर घर पर्चा, हर घर चर्चा” कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से क्षेत्रीय मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने डॉ. कप्रवान के दल के प्रति समर्पण, संघर्ष और संगठन निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए उनके जीवन के प्रेरणादायक पक्षों पर प्रकाश डाला।
संगोष्ठी में केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय, पंकज व्यास, केंद्रीय उपाध्यक्ष कर्नल सुनील कोटनाला, महामंत्री कर्नल कैलाश देवरानी सहित अनेक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए तथा डॉ. कप्रवान को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का समापन उत्तराखण्ड के समग्र विकास, जनसरोकारों की रक्षा तथा क्षेत्रीय स्वाभिमान को सशक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ।












