तेहरान/संयुक्त राष्ट्र। Iran ने बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच Saudi Arabia, Qatar, United Arab Emirates, Bahrain और Jordan पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनसे हर्जाने की मांग की है। ईरान का दावा है कि इन देशों ने United States और Israel के साथ मिलकर या अपनी जमीन का इस्तेमाल कर कथित हमलों में सहयोग दिया।
ईरान ने इस मामले को United Nations तक पहुंचाते हुए महासचिव Antonio Guterres और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखा है।
यह पत्र संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि Amir Saeid Iravani द्वारा भेजा गया, जिसमें इन पांच देशों पर अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
ईरान का कहना है कि ये देश यूएन चार्टर के अनुच्छेद 51 (आत्मरक्षा का अधिकार) का सहारा नहीं ले सकते, क्योंकि उन्होंने कथित रूप से हमलों में सहयोग किया है।
साथ ही, ईरान ने खुद को “हमले का शिकार” बताते हुए कहा कि वह अपने बचाव का अधिकार इस्तेमाल कर रहा है।
ईरान ने स्पष्ट कहा है कि संबंधित देशों को:
आर्थिक नुकसान की भरपाई करनी होगी
नैतिक क्षति का मुआवजा देना होगा
ईरान के अनुसार, कुछ मामलों में नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है।
ईरान ने United States पर आरोप लगाया कि उसने 12 अप्रैल को अपने सेंट्रल कमांड के जरिए ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी लागू की।
ईरान का कहना है कि यह कदम:
उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है
UN Charter Article 2(4) के खिलाफ है
अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को बाधित करता है
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए “जरूरी कदम” उठाएगा और अगर हालात बिगड़ते हैं तो इसकी जिम्मेदारी अमेरिका पर होगी।
ईरान के इन आरोपों ने मध्य पूर्व में पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है। यदि यह विवाद और गहराता है, तो इसका असर न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक शांति और व्यापार पर भी पड़ सकता है।














