मुख्यमंत्री धामी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ विशेष रेल यात्रा को दिखाई हरी झंडी, 700 श्रद्धालु हुए रवाना

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर वेरावल (सोमनाथ, गुजरात) के लिए विशेष रेल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छह दिवसीय विशेष यात्रा में प्रदेशभर से लगभग 700 श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं, विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, संत समाज के प्रतिनिधि और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हैं। उन्होंने इस पहल के लिए संस्कृति विभाग की सराहना करते हुए सभी यात्रियों की सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर, जो द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है, भारत की अटूट आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पुनरुत्थान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अनेक आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण यह संदेश देता है कि भारत हर चुनौती के बाद और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर चल रहा है। अयोध्या, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ, महाकाल और बद्रीनाथ सहित देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का पुनर्विकास भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसके तहत केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों का सौंदर्यीकरण, हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ का पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं पर काम जारी है। साथ ही, दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून, समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने, अवैध अतिक्रमण हटाने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे कदमों का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे जहां भी जाएं, उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि सभी यात्री देवभूमि के सांस्कृतिक दूत के रूप में राज्य की सकारात्मक छवि को मजबूत करें।

इस अवसर पर विधायक बृज भूषण गैरोला, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।