ईरान का दावा खारिज, बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले से किया इनकार

ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर अमेरिकी हमले की खबरों के बीच ईरानी अधिकारियों ने साफ किया है कि न्यूक्लियर पावर प्लांट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। पहले ऐसी खबरें आई थीं कि अमेरिकी हमले के दौरान मिसाइलों के टुकड़े परमाणु संयंत्र परिसर में गिरे थे, लेकिन ईरान ने इन दावों को खारिज कर दिया।

बुशहर प्रांत के गवर्नर मोहम्मद मुज़फ़्फ़री ने कहा कि अमेरिका ने सुबह फिर हमला किया, लेकिन बुशहर परमाणु संयंत्र और खारग द्वीप को निशाना बनाए जाने की खबरें गलत हैं। उन्होंने कहा कि दोनों स्थानों पर किसी तरह की घटना नहीं हुई।

हालांकि, मेहर न्यूज़ एजेंसी ने बुशहर के आसपास धमाकों की आवाज़ सुनाई देने की जानकारी दी है, जिससे हमले की खबरों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

बुशहर ईरान का पहला परमाणु बिजलीघर है, जिसे रूस के सहयोग से विकसित किया गया था। पहले हुए अमेरिका-इज़राइल हमलों में नतांज़, फोर्डो और इस्फहान की परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाया गया था, लेकिन बुशहर पर हमला नहीं हुआ था। युद्ध के दौरान भी यहां रूसी तकनीकी कर्मचारी तैनात रहे थे।

ईरानी समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक, अमेरिकी हवाई हमलों में उत्तरी गोलेस्तान प्रांत का ‘अक ताक़ेह खान’ रेलवे पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। यह पुल चीन, तुर्कमेनिस्तान और कज़ाकिस्तान के साथ व्यापारिक संपर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि इसकी मरम्मत जल्द पूरी कर ली जाएगी।

ईरान ने अमेरिकी हमलों को “गंभीर युद्ध अपराध” करार देते हुए कहा कि अमेरिका ने युद्धविराम संबंधी अंतरिम समझौते का उल्लंघन किया है। विदेश मंत्रालय ने दक्षिणी तटीय इलाकों और उत्तर-पूर्वी शहर मशहद की ओर जाने वाले रेलवे पुलों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। साथ ही अमेरिका पर समझौते की शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया।