अमेरिका–दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास पर भड़का उत्तर कोरिया, किम यो जोंग की चेतावनी

प्योंगयांग। उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उत्तर कोरियाई नेता Kim Jong Un की बहन Kim Yo-jong ने चेतावनी दी है कि यदि उत्तर कोरिया की सुरक्षा को चुनौती दी गई तो इसके “भयानक परिणाम” होंगे।

मंगलवार को जारी बयान में किम यो जोंग ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास Freedom Shield की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव और युद्धों के माहौल में ऐसा सैन्य अभ्यास क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर कर रहा है।

दरअसल सोमवार से अमेरिका और South Korea ने 11 दिनों तक चलने वाला यह संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिसमें हजारों सैनिक शामिल हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की संयुक्त युद्ध क्षमता का परीक्षण करना और संभावित सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयारी करना है।

किम यो जोंग ने बिना सीधे नाम लिए वैश्विक युद्धों का जिक्र करते हुए कहा कि जब दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संघर्ष बढ़ रहे हैं, ऐसे समय में अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास हालात को और अस्थिर बना रहे हैं। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी “लापरवाह और दबंग नीतियां” अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही हैं।

‘फ्रीडम शील्ड’ अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं द्वारा हर साल आयोजित किए जाने वाले दो प्रमुख कमांड-पोस्ट अभ्यासों में से एक है। इसमें अधिकतर सैन्य रणनीतियों का परीक्षण कंप्यूटर सिमुलेशन के जरिए किया जाता है। इसका उद्देश्य संयुक्त कमांड सिस्टम, युद्ध रणनीति और नई सुरक्षा परिस्थितियों के लिए तैयारी को मजबूत करना होता है।

इसके अलावा दोनों देश Warrior Shield नाम से फील्ड ट्रेनिंग कार्यक्रम भी चलाते हैं, जिसमें जमीनी स्तर पर सैनिक अभ्यास किए जाते हैं।

किम यो जोंग ने अपने बयान में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि देश बाहरी खतरों के खिलाफ अपनी “विनाशकारी शक्ति” को लगातार मजबूत करता रहेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया अपने दुश्मनों को अपनी सैन्य क्षमता और ताकत के बारे में बार-बार याद दिलाता रहेगा।

उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों को “हमले की तैयारी” या “युद्ध की रिहर्सल” बताता रहा है। अक्सर इन अभ्यासों के बाद उत्तर कोरिया अपनी सैन्य गतिविधियों और मिसाइल परीक्षणों को तेज कर देता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ता सैन्य तनाव क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक कूटनीति के लिए नई चुनौती बन सकता है। 🌏