भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में उतरते ही अपने करियर का एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 300वां मैच है। इसके साथ ही वह 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दुनिया की सबसे युवा महिला क्रिकेटर बन गई हैं।
स्मृति मंधाना अब 300 या उससे अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दुनिया की 12वीं महिला खिलाड़ी बन गई हैं। भारत की ओर से यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह तीसरी महिला क्रिकेटर हैं।
उनसे पहले केवल:
हरमनप्रीत कौर – 374 अंतरराष्ट्रीय मैच
मिताली राज – 333 अंतरराष्ट्रीय मैच
इस उपलब्धि के साथ स्मृति ने भारतीय महिला क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों की सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
यह मुकाबला महिला क्रिकेट के इतिहास में भी खास महत्व रखता है। क्रिकेट के प्रतिष्ठित लॉर्ड्स मैदान पर पहली बार महिला टेस्ट मैच खेला जा रहा है।
इससे पहले इंग्लैंड में 19 अलग-अलग मैदानों पर 55 महिला टेस्ट मैच आयोजित किए जा चुके हैं, लेकिन लॉर्ड्स पर कभी महिला टेस्ट नहीं खेला गया था। ऐसे में यह मुकाबला खिलाड़ियों और महिला क्रिकेट, दोनों के लिए ऐतिहासिक बन गया है।
भारतीय महिला टीम का इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट का प्रदर्शन शानदार रहा है। लॉर्ड्स टेस्ट से पहले टीम इंडिया ने इंग्लैंड में 9 टेस्ट मैच खेले थे, जिनमें:
2 मैच जीते
7 मैच ड्रॉ रहे
सबसे खास बात यह है कि भारतीय महिला टीम आज तक इंग्लैंड की धरती पर एक भी टेस्ट मैच नहीं हारी है।
300 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे कर स्मृति मंधाना ने एक बार फिर साबित किया है कि वह भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद और सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनकी यह उपलब्धि युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।














