12 दिन में 3 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन, अमरनाथ यात्रा 2026 ने बनाया नया रिकॉर्ड

अमरनाथ यात्रा 2026 आस्था का नया इतिहास रच रही है। यात्रा शुरू होने के सिर्फ 12 दिनों के भीतर 3 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में करीब 37 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। खास बात यह है कि बर्फ का प्राकृतिक शिवलिंग यात्रा के शुरुआती दिनों में ही पिघल गया, लेकिन इससे श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रा को सफल बनाने में जुटे अधिकारियों, सुरक्षा बलों, सेवा प्रदाताओं और स्वयंसेवकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के समर्पण और मेहनत से श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और यादगार यात्रा का अनुभव मिल रहा है।

इस बार अमरनाथ यात्रा को ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि श्रद्धालुओं की संख्या ने शुरुआती दिनों में ही पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हर दिन 15 से 20 हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि पवित्र गुफा की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा आज भी पहले जैसी ही बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, मई 2026 में बाबा बर्फानी का हिम शिवलिंग करीब सात फीट ऊंचा था, लेकिन यात्रा शुरू होने के पांच दिनों के भीतर ही वह पिघल गया। इसके बावजूद श्रीनगर ट्रांजिट कैंप, बालटाल और नुनवान बेस कैंप में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है।

बुधवार को अमरनाथ यात्रा का 14वां जत्था जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुआ। इस जत्थे में 6,251 श्रद्धालु शामिल थे। इनमें 2,985 श्रद्धालु बालटाल मार्ग और 3,266 श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग से रवाना हुए। कुल 230 वाहनों के काफिले में 137 बसें, 34 मीडियम मोटर वाहन और 59 हल्के मोटर वाहन शामिल रहे।

अधिकारियों के अनुसार, इस जत्थे में 4,439 पुरुष, 1,614 महिलाएं, 13 बच्चे, 78 साधु, 53 साध्वियां, एक बाल साधु, तीन ट्रांसजेंडर श्रद्धालु और 50 विदेशी पुरुष तीर्थयात्री शामिल हैं।

देशभर में अमरनाथ यात्रा के लिए एडवांस पंजीकरण का आंकड़ा 4 लाख के पार पहुंच चुका है और रजिस्ट्रेशन लगातार जारी है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर चुनौतियां होने के बावजूद श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड 57 दिनों की यात्रा का सफल संचालन कर रहा है। यह पवित्र यात्रा 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी।