‘हम NGO नहीं, राजनीतिक पार्टी हैं’, यूपी में सपा-बसपा से गठबंधन पर बोले ओवैसी; BJP पर भी साधा निशाना

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इंडिया टीवी को दिए एक विशेष इंटरव्यू में साफ किया कि उनकी पार्टी राज्य में पूरी ताकत से चुनावी मैदान में जुटी है। उन्होंने कहा कि AIMIM के कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और पार्टी भाजपा को हराने के लिए गठबंधन के लिए भी तैयार है।

समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी कोई गैर-सरकारी संगठन (NGO) नहीं, बल्कि एक राजनीतिक दल है।

उन्होंने कहा,

“हमने बिहार में भी गठबंधन की बात कही थी और यूपी में भी यही कह रहे हैं। हम भी बीजेपी को हराना चाहते हैं। कितनी सीटों पर बात होगी, यह टीवी स्टूडियो में नहीं बल्कि बातचीत से तय होगा।”

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती के साथ गठबंधन की संभावना पर ओवैसी ने कहा कि फिलहाल कोई बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई चर्चा होती है तो इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिन्ना संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी का जिन्ना से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा,

“हमने 1947 में जिन्ना के संदेश को ठुकरा दिया था। आज देश में हिंदुत्व की राजनीति चल रही है। मदरसों और मजारों को निशाना बनाया जा रहा है। वक्फ संशोधन विधेयक का हमने इसी वजह से विरोध किया था।”

ओवैसी ने आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है और मुस्लिम समाज को अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने की जरूरत है।

जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर ओवैसी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस नहीं चाहते कि मुस्लिम समाज शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़े।

समान नागरिक संहिता (UCC) पर उन्होंने कहा,

“यह कहना गलत है कि मुसलमान बड़े पैमाने पर दूसरी शादी कर रहे हैं। अगर ऐसा दावा है तो सरकार आंकड़े पेश करे। बिना डेटा के ऐसे दावे सही नहीं हैं।”

डीलिमिटेशन (निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन) के मुद्दे पर ओवैसी ने कहा कि उन्हें भाजपा की मंशा पर भरोसा नहीं है और विपक्ष को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।

वहीं ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि भाजपा हर नीति को देशहित बताकर पेश करती है, लेकिन असली चुनौती यह है कि विपक्ष मिलकर उसका लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला कैसे करे।

ओवैसी ने बताया कि 24 जुलाई को दिल्ली में मुस्लिम समुदाय से जुड़े विभिन्न नेताओं और संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी, जिसमें वह भी शामिल होंगे। बैठक में समुदाय से जुड़े समसामयिक मुद्दों और राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।