स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- ‘अमेरिका का 100% कंट्रोल’, ईरान से मांगा युद्ध का मुआवजा

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा दावा किया। ट्रंप ने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अब अमेरिकी नौसेना का पूरा नियंत्रण है। इसी के साथ उन्होंने ईरान से युद्ध के दौरान हुए नुकसान को लेकर अमेरिका को मुआवजा देने की मांग भी रख दी। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच पहले से चल रही बातचीत और अधिक जटिल होती दिख रही है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी नौसेना का 100 प्रतिशत नियंत्रण है। उन्होंने अमेरिकी नाकाबंदी को बेहद मजबूत बताते हुए कहा कि अमेरिका उन्हीं जहाजों को इस समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति देगा, जिन्हें वह गुजरने देना चाहता है।

हालांकि, ट्रंप के इस दावे के बीच क्षेत्र में समुद्री आवाजाही और होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद बने हुए हैं।

ट्रंप ने ईरान की ओर से युद्ध में हुए नुकसान के लिए अमेरिका से मुआवजा मांगने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर ईरान मुआवजे की बात कर रहा है, तो अमेरिका भी ईरान से मुआवजा मांगेगा।

उन्होंने कहा कि ईरान से उन अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों के लिए मुआवजा मांगा जाएगा, जिनकी मौत या गंभीर चोटें ईरान से जुड़े संघर्षों में हुईं। ट्रंप ने USS Cole पर हुए हमले में मारे गए लोगों के परिवारों और अन्य युद्ध पीड़ितों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि ईरान में पिछले दशकों में मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिवारों के लिए भी मुआवजा होना चाहिए।

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को भविष्य की बातचीत में इस मांग को मजबूती से उठाने का निर्देश दिया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज को दोबारा पूरी तरह खोलने और युद्ध समाप्त करने को लेकर बातचीत अटकी हुई दिखाई दे रही है। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन फिलहाल ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।

ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने के लिए कई मांगें रखे जाने की खबरें हैं। इनमें अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करना, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और युद्ध से हुए नुकसान के लिए मुआवजे जैसे मुद्दे शामिल हैं। इन मांगों ने दोनों देशों के बीच समझौते की राह को और मुश्किल बना दिया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा समुद्री मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले तेल और गैस के बड़े हिस्से की आवाजाही इसी रास्ते से होती है। इसलिए यहां लंबे समय तक तनाव या समुद्री यातायात में रुकावट आने से वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।

फिलहाल ट्रंप के ताजा बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका और ईरान होर्मुज को लेकर किसी समझौते पर पहुंच पाएंगे या मुआवजे और सैन्य नियंत्रण का मुद्दा दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाएगा।