गंजाम: ओडिशा के गंजाम जिले के पुराने पोड़मपेटा समुद्र तट पर इन दिनों एक मंदिर का हिस्सा दोबारा दिखाई देने के बाद यह जगह चर्चा में है। समुद्र तट की मिट्टी के नीचे से मंदिर के शिखर का कुछ हिस्सा नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह गंगादेवी मंदिर है, जो करीब 20 से 25 साल पुराना बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मंदिर पूरी तरह स्थापित और प्रतिष्ठित होने से पहले ही समुद्र की चपेट में आ गया था। समय के साथ समुद्र का पानी लगातार आगे बढ़ता गया और मंदिर के साथ आसपास की बस्ती का बड़ा हिस्सा भी समुद्र में समा गया।
कभी यहां हुआ करती थी लोगों की बस्ती
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, पुराने पोड़मपेटा इलाके में कभी बड़ी संख्या में लोग रहते थे। यहां कई घर और परिवार बसे हुए थे। लेकिन समुद्र के लगातार बढ़ते प्रभाव और तेज लहरों के कारण धीरे-धीरे यह बस्ती प्रभावित होने लगी।
समय के साथ एक के बाद एक घर समुद्र में समाते चले गए और आखिरकार इस इलाके का बड़ा हिस्सा समुद्र की चपेट में आ गया। जिस जगह पर आज समुद्र नजर आता है, वहां कभी लोगों के घर हुआ करते थे।
ज्वार पीछे हटने पर फिर नजर आया मंदिर
हाल ही में समुद्र का ज्वार कुछ पीछे जाने के बाद मिट्टी के नीचे दबे गंगादेवी मंदिर के शिखर का कुछ हिस्सा फिर से दिखाई देने लगा। समुद्र किनारे मंदिर का हिस्सा नजर आने के बाद स्थानीय लोगों का ध्यान इसकी ओर गया।
मंदिर का शिखर मिट्टी के नीचे से बाहर दिखाई देने के बाद आसपास के लोग इसे देखने के लिए समुद्र तट पर पहुंच रहे हैं। इससे पुराना पोड़मपेटा समुद्र तट एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
समुद्र ने बदल दिया पूरे इलाके का स्वरूप
इस घटना ने स्थानीय लोगों को उस दौर की याद दिला दी, जब यहां एक पूरी बस्ती मौजूद थी। समुद्र के बढ़ते प्रभाव के कारण घरों और अन्य संरचनाओं के समुद्र में समा जाने के बाद इलाके का स्वरूप पूरी तरह बदल गया।
अब मंदिर का हिस्सा दोबारा दिखाई देना स्थानीय लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। हालांकि, मंदिर के निर्माण, समुद्र में समाने और वर्तमान में दिखाई देने वाले हिस्से से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड और स्थानीय प्रशासन की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल, समुद्र के पीछे हटने के कारण सामने आया यह पुराना मंदिर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।















