उत्तराखंड में चारधाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार, 114 दिनों में 47 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

मानसून की चुनौतियों और खराब मौसम के बीच भी उत्तराखंड की चारधाम यात्रा नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौसम और परिस्थितियों के अनुसार यात्रा को नियंत्रित कर रही है, इसके बावजूद तीर्थयात्रियों की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। 10 अगस्त तक 114 दिनों में 47 लाख 2 हजार 703 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं।

पिछले साल के मुकाबले 4.68 लाख ज्यादा श्रद्धालु

इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा की शुरुआत हुई थी। 10 अगस्त तक 47,02,703 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। वहीं, 2025 में इसी अवधि में 42,34,147 यात्रियों ने चारधाम यात्रा की थी।

इस तरह इस वर्ष अब तक पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 4,68,556 अधिक श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं।

किस धाम में कितने श्रद्धालु पहुंचे?

अब तक चारों धामों में दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या इस प्रकार है:

बद्रीनाथ धाम: 16,12,112
केदारनाथ धाम: 14,50,116
गंगोत्री धाम: 7,37,629
यमुनोत्री धाम: 6,62,347
हेमकुंड साहिब: 2,40,499
एक दिन में 15 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

मौसम खराब होने और प्रशासन की ओर से जारी अलर्ट के बावजूद सोमवार को 15,376 श्रद्धालु चारधाम दर्शन के लिए पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा 9,559 यात्रियों ने बद्रीनाथ धाम में दर्शन किए।

वहीं, 4,170 श्रद्धालु केदारनाथ, 1,204 गंगोत्री और 443 यात्रियों ने यमुनोत्री धाम में दर्शन किए।

बद्रीनाथ में 16 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

भगवान बद्रीविशाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। 23 अप्रैल से शुरू हुई बद्रीनाथ यात्रा के 10 अगस्त तक 110 दिन पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में 16,12,112 श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंच चुके हैं।

पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में इस बार बद्रीनाथ पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या 3,50,192 अधिक है। 2025 में यात्रा शुरू होने के 110 दिन बाद तक 12,61,280 श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ के दर्शन किए थे।

सुरक्षा पर सरकार का विशेष फोकस

मानसून के दौरान भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार यात्रा को बेहद सतर्कता के साथ संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य आपदा कंट्रोल रूम के जरिए व्यवस्थाओं और आपदा प्रबंधन पर नजर रख रहे हैं।

चारों धामों और यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की मदद की जा सके।

CM धामी बोले- श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है और जिलाधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि भूस्खलन या किसी अन्य आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने यात्रियों से मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करने की अपील की है।

मानसून की मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या से साफ है कि इस साल चारधाम यात्रा एक नया रिकॉर्ड कायम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।