चमोली: उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में यात्रा एवं यातायात व्यवस्था के दौरान पुलिस और सेना के बीच विवाद का मामला सामने आया है। ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड जवान और सेना के मेजर के बीच यातायात व्यवस्था को लेकर हुई कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया। पुलिस ने मामले में आर्मी मेजर समेत 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चमोली पुलिस के मुताबिक, घटना 8 अगस्त को बदरीनाथ धाम में हुई। यात्रा व्यवस्था के लिए पुलिस और होमगार्ड के जवान ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर एक होमगार्ड जवान और सेना के मेजर के बीच विवाद हो गया।
पुलिस के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद सेना के मेजर ने अपने अन्य जवानों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि सेना के जवानों ने होमगार्ड जवान को वाहन में बैठाकर अपने साथ ले जाने का प्रयास किया।
इसी दौरान मौके पर तैनात चीता पुलिस पहुंची और बीच-बचाव करने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
घटना के बाद सेना के करीब 10 से 15 जवान बदरीनाथ थाने पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की।
चमोली पुलिस के मुताबिक, कांस्टेबल 58 एपी विजय सिंह की लिखित तहरीर के आधार पर रात करीब 10:25 बजे बदरीनाथ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
बदरीनाथ थाना पुलिस ने आर्मी मेजर समेत 15 अन्य सेना के जवानों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर धारा 115(2), 121(1), 127(2), 132, 140(3), 191(2), 191(3), 351(2) और 352 के तहत केस दर्ज किया गया है।
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मामले की पुष्टि की है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और विवाद की परिस्थितियों तथा दोनों पक्षों की भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है।
बदरीनाथ धाम में यात्रा सीजन के दौरान पुलिस और सेना के बीच सामने आए इस विवाद ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।















