सरकार ने मानी प्रदर्शनकारियों की मांगें, सीजेपी ने खत्म किया धरना; छात्रों पर दर्ज एफआईआर होंगी रद्द

नई दिल्ली: केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच हुई अहम वार्ता के बाद दिल्ली में चल रहा धरना-प्रदर्शन समाप्त करने का ऐलान कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी उनके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सीजेपी के प्रवक्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ लगभग दो घंटे तक बातचीत की। बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों पक्षों ने समझौते की जानकारी दी। सीजेपी ने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की और प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर से शांतिपूर्वक अपने घर लौटने की अपील की।

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पार्टी अच्छी नीयत के साथ आंदोलन वापस ले रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार तय समय-सीमा के भीतर सभी सहमत बिंदुओं को लागू करेगी।

सरकार ने किन मांगों पर सहमति जताई
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग स्वीकार करने की बात कही गई।
नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने पर सहमति बनी।
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान यह भी तय हुआ कि चार सप्ताह बाद सीजेपी प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय मंत्रियों के बीच फिर से बैठक होगी। इस बैठक में देश की शिक्षा व्यवस्था, नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुधारों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

इस घटनाक्रम पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी खुशी जताई। उन्होंने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए सरकार के फैसले का स्वागत किया। वांगचुक ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था और शासन प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है तथा उम्मीद जताई कि सरकार आगे भी इसी सकारात्मक सोच के साथ सुधारों को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि देश प्रेम, विश्वास और न्याय के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।