केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को बेचैनी की शिकायत के बाद 13 अगस्त की शाम दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया। अस्पताल की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, उनकी कई जांच की गईं, जिसमें कोरोनरी एंजियोग्राफी भी शामिल है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
एम्स ने जारी किया आधिकारिक बयान
दिल्ली एम्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जेपी नड्डा की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया। अस्पताल ने बताया कि 13 अगस्त की शाम बेचैनी की शिकायत के बाद उनकी जांच की गई। इस दौरान कोरोनरी एंजियोग्राफी समेत कई टेस्ट किए गए।
एम्स के अनुसार, जेपी नड्डा की हालत अभी स्थिर है और उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में ऑब्जर्वेशन के लिए भर्ती रखा गया है।
क्या होती है कोरोनरी एंजियोग्राफी?
कोरोनरी एंजियोग्राफी एक मेडिकल इमेजिंग प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल दिल की कोरोनरी आर्टरीज में किसी तरह की संकुचन या ब्लॉकेज की जांच के लिए किया जाता है। इसमें डॉक्टर आमतौर पर कलाई या कमर की रक्त वाहिका के जरिए एक पतली कैथेटर को हृदय तक पहुंचाते हैं।
इसके बाद कोरोनरी आर्टरीज में कॉन्ट्रास्ट डाई डाली जाती है और एक्स-रे इमेजिंग के जरिए रक्त वाहिकाओं की स्थिति देखी जाती है। इससे डॉक्टरों को हृदय की रक्त आपूर्ति से जुड़ी संभावित समस्या का पता लगाने में मदद मिलती है।
13 अगस्त को घर पर फहराया था तिरंगा
जेपी नड्डा ने अस्पताल में भर्ती होने से पहले 13 अगस्त को अपने आवास पर परिवार के साथ तिरंगा फहराया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए देशवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में शामिल होने की अपील की थी।
उन्होंने देशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों पर तिरंगा फहराने और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व गौरव की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया था।
सीजेपी प्रदर्शन के दौरान भी रहे थे सक्रिय
हाल के दिनों में जेपी नड्डा सीजेपी प्रदर्शन को लेकर भी काफी सक्रिय रहे थे। उन्होंने सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनकी भूख हड़ताल खत्म कराने में भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शन से जुड़े नेताओं से बातचीत कर जंतर-मंतर पर चल रहे धरने को समाप्त कराने की दिशा में भी पहल की थी।
फिलहाल एम्स में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज और स्वास्थ्य परीक्ष












