कानपुर: महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और उन्हें साथ लेकर चलने की बात करने वाली AIMIM की कानपुर जनसभा में मंच व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। रविवार को आयोजित जनसभा में पार्टी की महिला नगर अध्यक्ष रुखसाना वारसी को मुख्य मंच पर स्थान नहीं मिला। वह अपनी महिला पदाधिकारियों की टीम के साथ मुख्य मंच के बगल में बनाए गए दूसरे मंच पर नजर आईं। कार्यक्रम के दौरान यह व्यवस्था चर्चा का विषय बनी रही।
मुख्य मंच पर पुरुष पदाधिकारी, दूसरे मंच पर महिला पदाधिकारी
AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी में आयोजित इस जनसभा में पार्टी के राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला और महानगर स्तर के कई पदाधिकारी मुख्य मंच पर मौजूद थे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में पहुंचे।
इसी दौरान महिला नगर अध्यक्ष रुखसाना वारसी और अन्य महिला पदाधिकारियों को मुख्य मंच के बजाय अलग मंच पर खड़े देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दूसरे मंच के आसपास कार्यकर्ताओं की भीड़ और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी रही। इस दौरान महिला पदाधिकारी असहज नजर आईं।
महिला प्रतिनिधित्व को लेकर हुई चर्चा
मंच की व्यवस्था को लेकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। सवाल उठाया गया कि जब पार्टी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और उन्हें साथ लेकर चलने की बात करती है, तो बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में महिला नगर अध्यक्ष को मुख्य मंच पर स्थान क्यों नहीं दिया गया।
हालांकि, महिला पदाधिकारियों के लिए अलग मंच बनाए जाने के पीछे पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक कारण तत्काल सामने नहीं आया। ऐसे में इस व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर AIMIM का पक्ष सामने आना बाकी है।
2023 में महिला आरक्षण पर ओवैसी ने उठाया था सवाल
महिला राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर AIMIM और असदुद्दीन ओवैसी का रुख पहले भी चर्चा में रहा है। 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पर बहस के दौरान ओवैसी ने मुस्लिम और ओबीसी महिलाओं के लिए अलग उप-कोटे की मांग की थी।
कानपुर की जनसभा में महिला नगर अध्यक्ष की मंच व्यवस्था सामने आने के बाद एक बार फिर महिला प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मुख्य मंच पर जगह नहीं मिलने की वास्तविक वजह पार्टी के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
इसी जनसभा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी का अलग अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने शादीशुदा पुरुषों से अपनी पत्नियों से प्यार का इजहार करने की बात कही, जिससे कार्यक्रम का माहौल कुछ देर के लिए हल्का-फुल्का हो गया।














