अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की सैन्य और मिसाइल क्षमता को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह निष्कर्ष निकाला कि ईरान के साथ बातचीत प्रभावी नहीं हो रही थी। उनके अनुसार, ईरान बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के पीछे अपने परमाणु कार्यक्रम को छिपाने की कोशिश कर रहा था, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता था।
उन्होंने कहा, “प्रेसिडेंट ने सिस्टमैटिक तरीके से उनकी आतंकवादी क्षमताओं को खत्म करने का फैसला किया और उसी के तहत कार्रवाई की गई।”
ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को लेकर रुबियो ने कहा कि इसका उद्देश्य साफ है—ईरान की मिसाइल, लॉन्चर, निर्माण क्षमता और नौसैनिक ताकत को खत्म करना।
उन्होंने दोहराया, “ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकता। हम उनकी मिसाइलों, लॉन्चरों और उन्हें बनाने की क्षमता को खत्म कर देंगे। हम उनकी नेवी को भी निष्क्रिय करेंगे। यही हमारा लक्ष्य है।”
रुबियो ने माना कि इस सैन्य अभियान की कीमत चुकानी पड़ेगी और यह आसान नहीं होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि “न्यूक्लियर-आर्म्ड ईरान” की तुलना में यह कीमत बहुत कम है।
अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बीच ईरान भी लगातार पलटवार कर रहा है, जिससे मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस संघर्ष के संभावित प्रभावों और कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर नजर बनाए हुए है।















