पासिंग आउट परेड में कैप्टन ने किया शादी का अनोखा प्रस्ताव, भावुक पल का वीडियो हुआ वायरल

नासिक। महाराष्ट्र के नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान एक भावुक और यादगार पल देखने को मिला, जब भारतीय सेना के अधिकारी कैप्टन भरत भारद्वाज ने प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अपनी मंगेतर आरुषि को सबके सामने शादी के लिए प्रपोज किया।

परेड समाप्त होने के बाद जब अधिकारी, जवान और उनके परिजन मैदान में मौजूद थे, तब कैप्टन भरत अपनी मंगेतर को एक फाइटर हेलिकॉप्टर के सामने लेकर पहुंचे। इसी दौरान उन्होंने अचानक घुटनों के बल बैठकर अंगूठी निकाली और आरुषि का हाथ थामते हुए पूछा, “क्या तुम मुझसे शादी करोगी?”

अचानक मिले इस खास सरप्राइज से आरुषि कुछ क्षणों के लिए भावुक हो गईं और मुस्कुराते हुए उन्होंने तुरंत अपनी सहमति दे दी। इसके बाद वहां मौजूद सेना के जवानों, अधिकारियों और परिजनों ने तालियां बजाकर दोनों का उत्साहवर्धन किया।

कैप्टन भरत भारद्वाज ने इस विशेष अवसर के बारे में बताते हुए कहा कि यह दिन उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। उन्होंने कहा, “आज हम सभी पायलट और इंस्ट्रक्टर बन गए हैं। यह हमारी वर्षों की मेहनत का परिणाम है। हम दोनों पिछले पांच वर्षों से एक-दूसरे को जानते हैं। मुझे नहीं लगता कि शादी का प्रस्ताव देने के लिए इससे बेहतर दिन कोई और हो सकता था। यह मेरे परिवार के लिए भी बेहद खास दिन है और मैं चाहता था कि मेरी मंगेतर के लिए भी यह पल हमेशा यादगार बन जाए।”

इस अनोखे प्रपोजल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग कैप्टन भरत के इस अंदाज की सराहना कर रहे हैं। सेना के अधिकारियों और जवानों ने भी नवदंपती के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

महाकाल मंदिर में सगाई का वीडियो बनाना पड़ा महंगा

वहीं दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में सगाई समारोह का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करना एक दिल्ली के कपल को महंगा पड़ गया। वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर प्रबंधन समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाया।

मंदिर समिति ने नियमों के उल्लंघन को देखते हुए संबंधित सुरक्षा एजेंसी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मंदिर प्रशासन का कहना है कि धार्मिक स्थल की गरिमा और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना सभी श्रद्धालुओं की जिम्मेदारी है।