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उत्तराखंड शिक्षा विभाग में बड़े फैसले: शिक्षकों के स्थानांतरण, सख्त अनुशासन और स्कूलों के आसपास प्रतिबंध के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग में कई अहम फैसले लिए गए हैं। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय समीक्षा बैठक में शिक्षकों के स्थानांतरण, स्कूलों में व्यवस्थाओं और अनुशासन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए।

शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि अनुरोध की श्रेणी में आने वाले पात्र शिक्षकों के स्थानांतरण किए जाएंगे। इसके लिए सभी जनपदों से निर्धारित समय सीमा में प्रस्ताव मांगे गए हैं।

प्रदेश के एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए निर्देश दिए गए हैं कि शिक्षक के अवकाश पर जाने की स्थिति में नजदीकी विद्यालय से वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था की जाए। इसमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

बिना अनुमति अनुपस्थित रहने, बायोमैट्रिक उपस्थिति न दर्ज करने, शराब के नशे में पाए जाने या छात्राओं से दुर्व्यवहार करने वाले शिक्षकों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने शिक्षण संस्थानों के 150 मीटर के दायरे में शराब, पान, बीड़ी-सिगरेट और तंबाकू की दुकानों को हटाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सभी जिलों से रिपोर्ट तलब की गई है।

शिक्षा मंत्री ने स्कूलों में बिजली, पानी, फर्नीचर, शौचालय, खेल मैदान और खेल सामग्री की उपलब्धता पर रिपोर्ट शीघ्र भेजने के निर्देश दिए। साथ ही विधायकों से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो विद्यालयों के उच्चीकरण के प्रस्ताव भेजने को कहा गया।

निजी विद्यालयों में मनमानी फीस वृद्धि और जबरन किताबें थोपने की शिकायतों पर कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।

बैठक में बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए जिन जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहा, उन्हें सुधार के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया।

बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

प्रभारी निदेशक बेसिक शिक्षा कंचन देवराड़ी के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें भावपूर्ण विदाई दी गई। शिक्षा मंत्री ने उन्हें शॉल और बुके भेंट कर सम्मानित किया और उनके योगदान की सराहना की।

इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके साथ अपने अनुभव साझा किए और उनके स्वस्थ व सुखद जीवन की कामना की।