हरिद्वार: 30 जुलाई से शुरू हो रहे कांवड़ मेले को लेकर हरिद्वार पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था लागू कर दी है। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। हरिद्वार पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक प्लान की जानकारी अवश्य लें।
पुलिस के अनुसार, इस वर्ष श्रावण मास 28 जुलाई से शुरू हुआ है और सावन के चार सोमवार क्रमशः 3, 10, 17 और 24 अगस्त को पड़ेंगे। वहीं, 11 अगस्त को शिवरात्रि का मुख्य पर्व मनाया जाएगा। इन अवसरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए चरणबद्ध ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा।
सहारनपुर, दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और यमुनानगर की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को मंडावर, अब्दुल कलाम चौक, लक्सर और एसएम तिराहे होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग में भेजा जाएगा। मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद की ओर से आने वाले वाहनों को चिड़ियापुर, गैन्डीखाता और 4.2 डायवर्जन के रास्ते गौरीशंकर एवं नीलधारा पार्किंग में पार्क कराया जाएगा। वहीं देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले कांवड़ वाहनों को नेपाली तिराहा, सप्तऋषि तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर होते हुए लालजीवाला तथा चमगादड़ टापू पार्किंग तक पहुंचाया जाएगा।
रोडवेज और निजी बसों के संचालन में भी बदलाव किया गया है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने-जाने वाली बसों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के माध्यम से ऋषिकुल मैदान तक संचालित किया जाएगा, जबकि देहरादून और ऋषिकेश से आने वाली बसों के लिए मोतीचूर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। नजीबाबाद रूट की बसों को नीलधारा और गौरीशंकर पार्किंग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
कांवड़ मेले के दौरान भारी वाहनों पर भी विशेष प्रतिबंध लगाए गए हैं। 29/30 जुलाई से 4 अगस्त तक भारी वाहनों को केवल रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक चलने की अनुमति होगी, जबकि 5 अगस्त से 11 अगस्त तक भारी वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले वाहनों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने बताया कि हिल बाईपास मार्ग का उपयोग केवल एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड जैसी आवश्यक सेवाओं, स्थानीय निजी वाहनों और आवश्यकता पड़ने पर कांवड़ यात्रियों की निकासी के लिए किया जाएगा। हर की पैड़ी से विभिन्न राज्यों की ओर लौटने वाले कांवड़ियों के लिए भी अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं, ताकि यातायात सुचारु बना रहे और भीड़ का दबाव कम किया जा सके।
हरिद्वार पुलिस ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और यात्रा से पहले जारी ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी लेकर ही घर से निकलें। इससे कांवड़ मेला सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न कराने में मदद मिलेगी।












