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PNG कनेक्शन वालों को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर, रसोई गैस संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला

देश में रसोई गैस की बढ़ती मांग और सप्लाई पर दबाव के बीच Ministry of Petroleum and Natural Gas ने बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय के नए निर्देश के अनुसार जिन उपभोक्ताओं के घर में पाइपलाइन से मिलने वाली रसोई गैस यानी Piped Natural Gas (PNG) का कनेक्शन है, उन्हें अब Liquefied Petroleum Gas (LPG) सिलेंडर नहीं दिया जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन परिवारों के पास PNG कनेक्शन के साथ-साथ LPG सिलेंडर भी है, उन्हें अपना सिलेंडर सरेंडर करना होगा। इस संबंध में देशभर के गैस डीलरों को निर्देश जारी किए गए हैं कि PNG कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति न की जाए।

दरअसल देश के कई बड़े शहरों में पाइपलाइन के जरिए घरों तक PNG गैस की सप्लाई की जा रही है। इसके बावजूद कई परिवार LPG सिलेंडर भी अपने पास रखते हैं। सरकार का मानना है कि इससे गैस की अनावश्यक जमाखोरी बढ़ती है और जरूरतमंद क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित होती है।

सरकार के मुताबिक देश में LPG की कमी नहीं है, लेकिन हाल के दिनों में इसकी बुकिंग में अचानक तेज उछाल देखा गया है। आंकड़ों के अनुसार पहले जहां रोजाना औसतन 55.7 लाख LPG बुकिंग होती थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 75.7 लाख तक पहुंच गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह वृद्धि घबराहट के कारण हो रही अतिरिक्त बुकिंग की वजह से हुई है।

देशभर में करीब 60 लाख परिवारों को PNG कनेक्टिविटी उपलब्ध है। सरकार लोगों को PNG कनेक्शन अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है, ताकि LPG पर दबाव कम हो और जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन गैस उपलब्ध नहीं है, वहां सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि रसोई गैस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि LPG सिलेंडरों की जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran, Israel तथा United States के बीच चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ी हुई है। ऐसे में सरकार घरेलू गैस वितरण व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है।