Advertisement

इजरायल में बड़ा खुलासा: गाजा जंग के दौरान सिगरेट तस्करी के आरोप में सुरक्षा एजेंसी प्रमुख का भाई आरोपी

तेल अवीव/यरुशलम — इजरायल–हमास युद्ध के दौरान गाजा पट्टी में कथित तौर पर सिगरेट और अन्य सामान की तस्करी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। इजरायल की एक अदालत ने इस प्रकरण में शिन बेट (इजरायल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी) के प्रमुख डेविड जिनी के भाई बेजलेल जिनी को आरोपी बनाया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, बेजलेल जिनी ने युद्ध के दौरान गाजा में हजारों डॉलर मूल्य की सिगरेट की तस्करी कर भारी मुनाफा कमाया। आरोप है कि इस अवैध गतिविधि से उन्होंने लगभग 3,65,000 शेकेल (करीब 1.17 लाख अमेरिकी डॉलर) कमाए।

बेजलेल जिनी पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। इनमें

  • युद्धकाल में दुश्मन की मदद करना,
  • आतंकवादी गतिविधियों को फंडिंग,
  • धोखाधड़ी,
  • और रिश्वतखोरी शामिल हैं।

इस मामले में कम से कम 13 अन्य संदिग्धों के भी शामिल होने की बात कही जा रही है, जिनमें अधिकांश इजरायली रिजर्व सैनिक बताए गए हैं।

आरोप पत्र के मुताबिक, बेजलेल जिनी एक रिजर्व सैनिक थे और ‘उरिया’ नामक टीम में लॉजिस्टिक्स के प्रभारी थे। यह टीम गाजा में सैन्य अभियानों के तहत इमारतों को ध्वस्त करने का काम करती थी। इस जिम्मेदारी के चलते उन्हें विशेष परमिट मिला हुआ था, जिससे वे गाजा में वाहन ले जा सकते थे।

अभियोजकों का कहना है कि जिनी ने इसी परमिट का दुरुपयोग करते हुए सूफा क्रॉसिंग के जरिए कम से कम तीन बार सिगरेट के 14 कार्टन गाजा पहुंचाए। उस समय यह मार्ग आधिकारिक तौर पर बंद बताया गया था।

युद्ध के दौरान इजरायल द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से गाजा में सिगरेट की भारी कमी थी। रिपोर्ट के अनुसार, एक सिगरेट की कीमत 80 डॉलर से अधिक तक पहुंच गई थी। अभियोजन पक्ष का दावा है कि तस्करों को इस बात की जानकारी थी कि यह सामान हमास तक भी पहुंच सकता है।

सिगरेट के अलावा, मोबाइल फोन, बैटरियां, वाहन के पुर्जे और अन्य सामान भी कथित रूप से तस्करी के जरिए गाजा पहुंचाए गए और मुनाफे को आपस में बांटा गया।

अभियोजक कार्यालय ने अदालत से मांग की है कि बेजलेल जिनी की संपत्ति, वाहन, अचल संपत्ति और नकदी जब्त की जाए। उन पर आरोप है कि उन्होंने सैन्य और सुरक्षा जरूरतों का हवाला देकर अन्य सैनिकों को गुमराह किया।

इस मामले में यह स्पष्ट किया गया है कि शिन बेट प्रमुख डेविड जिनी का इस कथित तस्करी घोटाले से कोई संबंध नहीं पाया गया है। उन्हें मई 2025 में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा नियुक्त किया गया था।

वहीं, बेजलेल जिनी के वकील असफ क्लेन ने सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उनके मुवक्किल किसी भी तस्करी गतिविधि में शामिल नहीं थे।

मामले की सुनवाई जारी है और अदालत में पेश सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।