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UNSC में भारत का सख्त संदेश: होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले अस्वीकार्य, वैश्विक कानूनों का हो सम्मान

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) में भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। भारत की डिप्टी परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव योजना पटेल ने स्पष्ट कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना न सिर्फ गलत है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन भी है।

UNSC में मिडिल ईस्ट की स्थिति पर बोलते हुए पटेल ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाली कमर्शियल शिपिंग भारत के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यह देश की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी हालत में सिविलियन जहाजों और उनके क्रू को सैन्य हमलों का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

पटेल ने बताया कि हालिया घटनाओं में जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों की जान भी गई है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमलों को रोकने वाले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सख्ती से पालन होना चाहिए।

भारत ने इस मुद्दे पर United Nations Security Council Resolution 2817 को को-स्पॉन्सर किया है, जिसे 11 मार्च को अपनाया गया था। पटेल ने कहा कि भारत होर्मुज स्ट्रेट में नेविगेशन और ग्लोबल कॉमर्स की सुरक्षित और निर्बाध बहाली की जोरदार अपील करता है।

पटेल ने आगाह किया कि इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ग्लोबल सप्लाई चेन पर भी गंभीर असर डाल सकता है।

उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट भारत का महत्वपूर्ण पड़ोसी क्षेत्र है, जहां करीब 10 मिलियन भारतीय रहते और काम करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा भारत की प्राथमिकता है।

पटेल ने United Nations Interim Force in Lebanon (UNIFIL) में तैनात शांति सैनिकों पर हुए हमलों की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि “ब्लू हेलमेट” शांति बनाए रखने के लिए तैनात होते हैं और उन्हें निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। साथ ही, उन्होंने इन हमलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की।
कुल मिलाकर, भारत ने वैश्विक मंच पर स्पष्ट संदेश दिया है कि समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय कानून और नागरिकों की रक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।