ब्रिटेन और यूक्रेन वैश्विक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की ब्रिटेन यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच एक अहम रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर होने वाले हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य कम लागत वाले ड्रोन के बढ़ते खतरे से निपटना है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट ने इस साझेदारी की घोषणा की है। बयान के मुताबिक, यह समझौता “कम लागत वाले, हाई-टेक सैन्य उपकरणों, खासकर ड्रोन, के प्रसार के खिलाफ वैश्विक रक्षा क्षमता को मजबूत करेगा।”
इस रक्षा सहयोग के तहत यूक्रेन के युद्ध अनुभव और ड्रोन-रोधी तकनीकों की विशेषज्ञता को ब्रिटेन के मजबूत औद्योगिक ढांचे के साथ जोड़ा जाएगा। इससे नई सैन्य क्षमताओं का विकास और आपूर्ति तेज होगी, जो भविष्य के खतरों से निपटने में मदद करेगी।
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और तेजी से विकसित हो रही तकनीकें अब राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद अहम हो गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने इन खतरों को और स्पष्ट कर दिया है।
यूक्रेन लंबे समय से रूस के साथ युद्ध का सामना कर रहा है, जहां ड्रोन हमलों ने युद्ध की दिशा को काफी हद तक प्रभावित किया है। ऐसे में यह साझेदारी यूक्रेन की रक्षा क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ ब्रिटेन और उसके सहयोगियों को भी भविष्य के युद्ध के लिए तैयार करेगी।
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की यह लंदन यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब उन्होंने चिंता जताई थी कि मध्य पूर्व के हालिया संघर्ष के कारण दुनिया का ध्यान यूक्रेन-रूस युद्ध से हट सकता है। इसके बावजूद यूरोपीय देशों ने यूक्रेन के समर्थन को जारी रखने का भरोसा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता न केवल यूक्रेन के लिए, बल्कि वैश्विक सुरक्षा संतुलन के लिहाज से भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
















