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ED का 70वां स्थापना दिवस: बदलते आर्थिक अपराध बने नई चुनौती, डायरेक्टर राहुल नवीन ने गिनाईं उपलब्धियां

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 1 मई 2026 को अपना 70वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ED के डायरेक्टर राहुल नवीन ने एजेंसी की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

डायरेक्टर राहुल नवीन ने कहा कि देश में आर्थिक अपराधों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पहले जहां बैंक फ्रॉड, कॉरपोरेट घोटाले और रियल एस्टेट धोखाधड़ी प्रमुख थे, वहीं अब साइबर अपराध, क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड, आतंकवाद की फंडिंग, ड्रग्स तस्करी और देश विरोधी गतिविधियां बड़ी चुनौती बनकर उभर रही हैं।

उन्होंने बताया कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए ED ने अपनी जांच प्रणाली को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप मजबूत किया है।

ED ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत 812 अभियोजन शिकायतें (चार्जशीट) दाखिल कीं, जिनमें 155 सप्लीमेंट्री चार्जशीट शामिल हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुना है।

डायरेक्टर ने दावा किया कि एजेंसी की कनविक्शन रेट 94 प्रतिशत है और ट्रायल कोर्ट में लंबित 2400 से अधिक मामलों में सजा की संभावना है।

राहुल नवीन ने बताया कि ED का उद्देश्य सिर्फ दोषियों को सजा दिलाना नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करना भी है। वित्त वर्ष 2025-26 में एजेंसी ने 81,422 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 170 प्रतिशत अधिक है।

अब तक कुल 2.36 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की जा चुकी है, जबकि 63,142 करोड़ रुपये बैंकों, निवेशकों और घर खरीदारों को वापस लौटाए गए हैं।

भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत 31 मार्च 2026 तक 54 मामलों में कार्रवाई शुरू की गई, जिनमें से 21 आरोपियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। इस कानून के तहत 2,178 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

डायरेक्टर ने बताया कि भारत अब एशिया-पैसिफिक एसेट रिकवरी नेटवर्क के स्टियरिंग ग्रुप की अध्यक्षता कर रहा है और वर्ष 2026 में इसकी वार्षिक बैठक की मेजबानी करेगा।

कार्यक्रम के अंत में राहुल नवीन ने कहा कि ED का मुख्य उद्देश्य देश की आर्थिक व्यवस्था को सुरक्षित रखना और अपराध से अर्जित धन को समाज तक वापस पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि एजेंसी नई तकनीकों के जरिए लगातार खुद को सशक्त बना रही है।