सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग पर भूस्खलन का कहर, 10 शव बरामद; 27 लोगों के फंसे होने की आशंका, युद्धस्तर पर रेस्क्यू जारी

गंगटोक। सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग पर हुए भीषण भूस्खलन ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया है। सुरंग के भीतर काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। अब तक राहत और बचाव दल 10 लोगों के शव बरामद कर चुके हैं, जबकि करीब 27 लोगों के अब भी सुरंग के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य पुलिस, फायर सर्विस और अन्य एजेंसियां युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।

नामची की पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोनम डोलमा ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय सुरंग के भीतर लगभग 27 लोग मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह संख्या जांच के दौरान बदल सकती है, लेकिन फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यही अनुमान है। अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से अधिकांश की पहचान कर ली गई है। हालांकि तीन शवों की पहचान अभी नहीं हो सकी है और उनकी शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है।

एसपी के अनुसार, मृतकों में तीन लोग पश्चिम बंगाल, एक उत्तराखंड, एक असम तथा एक सिक्किम के नामची जिले का स्थानीय निवासी शामिल है। प्रशासन मृतकों के परिजनों से संपर्क कर शव सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है।

भारी बारिश से रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें

भूस्खलन के बाद सुरंग के भीतर भारी मात्रा में मलबा और पानी भर जाने से बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण राहत अभियान प्रभावित हो रहा है। एसपी सोनम डोलमा ने कहा कि फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता सुरंग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और राहत अभियान को तेजी से पूरा करना है।

उन्होंने कहा कि घटना के कारणों पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। विशेषज्ञों की जांच और तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सुरंग में भूस्खलन किन परिस्थितियों में हुआ।

कई एजेंसियां संयुक्त रूप से चला रही हैं अभियान

घटनास्थल पर पाकयोंग और सिलीगुड़ी से पहुंची एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। इसके अलावा रंगपो, पाकयोंग और सिंगतम की जिला पुलिस सबसे पहले मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA), फायर सर्विस और अन्य संबंधित विभाग भी अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने और सुरंग के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सीएम प्रेम सिंह तमांग से की बात

हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री तमांग ने सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की तथा केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सहयोग के आश्वासन से राज्य के लोगों को हिम्मत मिली है।

मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं हादसे में घायल लोगों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

गृह मंत्री अमित शाह ने भी लिया हालात का जायजा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बातचीत कर हादसे की जानकारी ली। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों का उपयोग किया जाए और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।

प्रशासन का कहना है कि बचाव अभियान लगातार जारी है और सुरंग में फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे राज्य में इस हादसे को लेकर शोक का माहौल है और लोगों की निगाहें राहत अभियान की प्रगति पर टिकी हुई हैं।