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मुजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य पर अफवाहें खारिज, ईरान ने पश्चिमी देशों पर लगाया आरोप

तेहरान। ईरान में सर्वोच्च नेतृत्व को लेकर फैल रही अटकलों के बीच, विशेषज्ञ सभा के सदस्य और शीर्ष नेतृत्व कार्यालय से जुड़े वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्ला मोहसेन क़ोमी ने मुजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चल रही अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है।

फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, क़ोमी ने कहा कि इस तरह की खबरें पश्चिमी देशों द्वारा जानबूझकर फैलाई जा रही हैं ताकि ईरान में प्रतिक्रिया भड़काई जा सके और भ्रम की स्थिति पैदा हो।

क़ोमी ने कहा कि सुप्रीम लीडर से जुड़े व्यक्तियों के स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाना एक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ईरानी अधिकारियों पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने का दबाव बनाना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुजतबा खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं और सक्रिय रूप से सरकारी कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

क़ोमी ने दावा किया कि हालिया बमबारी के दौरान मुजतबा खामेनेई उसी इमारत में मौजूद थे, लेकिन धमाके से कुछ मिनट पहले ही बाहर निकल गए, जिससे उनकी जान बच गई। उन्होंने इसे “ईश्वर की कृपा” बताया और कहा कि नेतृत्व की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इसी बीच, द जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के हवाले से ईरान की आंतरिक राजनीति में भी हलचल की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ कथित तौर पर विदेश मंत्री अब्बास अरगची के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं।

सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं का मानना है कि अरगची स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से जुड़े कमांडर अहमद वाहिदी के प्रभाव में अधिक कार्य कर रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने अपने करीबी सहयोगियों से संकेत दिए हैं कि यदि हालात नहीं बदले तो विदेश मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

ईरान में एक तरफ जहां नेतृत्व के स्वास्थ्य को लेकर अफवाहें फैल रही हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार के भीतर कथित मतभेदों की खबरें भी सामने आ रही हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर ईरानी नेतृत्व ने इन दावों को खारिज करते हुए स्थिति को सामान्य बताया है।