हरिद्वार में कांवड़ मेला अपने चरम पर पहुंच गया है। डाक कांवड़ वाहनों का आगमन शुरू होने के साथ ही हरिद्वार में शिवभक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार शाम तक 2 करोड़ 64 लाख 8 हजार कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों के लिए रवाना हो चुके थे। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या का नया रिकॉर्ड बन सकता है।
डाक कांवड़ वाहनों को सबसे पहले हरिद्वार की बैरागी कैंप पार्किंग में भेजा जा रहा है। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर देर रात बैरागी कैंप पार्किंग पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पार्किंग स्थल का निरीक्षण करने के साथ ही वहां मौजूद कांवड़ियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया।
हरियाणा से आए कांवड़ियों के बीच जब डीएम और एसएसपी पहुंचे तो कांवड़ियों ने पार्किंग व्यवस्था की सराहना की। इस दौरान कांवड़ियों ने दोनों अधिकारियों को चाय और नमकीन भी खिलाई।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ियों से सहज अंदाज में पूछा, “रात को खाने में क्या बना रहे हो भोले?” कांवड़ियों ने बताया कि मटर पनीर और चावल बनाए जा रहे हैं। इस पर पुलिस कप्तान ने मजाकिया अंदाज में कहा कि फिर तो हम भी यहीं कुर्सी डाल लेते हैं। बातचीत के दौरान कांवड़ियों ने बताया कि वे डाक कांवड़ लेकर आए हैं और गंगाजल भरने के बाद अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे।
डीएम और एसएसपी ने कांवड़ियों को भरोसा दिलाया कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी होने पर वे तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण तरीके से कांवड़ यात्रा पूरी करने और किसी तरह का हुड़दंग नहीं करने की अपील की।
मेले के दौरान हरिद्वार पहुंचने वाले शिवभक्तों के स्वागत और उनकी सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। डीएम मयूर दीक्षित के निर्देशन में नारसन बॉर्डर प्रवेश द्वार से राष्ट्रीय राजमार्ग तक आकर्षक रंगीन एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। इससे पूरा मार्ग रात के समय भव्य और आकर्षक नजर आ रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रमुख कांवड़ मार्गों, पार्किंग स्थलों, शिविर क्षेत्रों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। रात्रिकालीन आवागमन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई है।
जिला प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही सभी जरूरी व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
पुलिस प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार शाम गंगा आरती तक 2 करोड़ 64 लाख 8 हजार कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके थे। अब डाक कांवड़ वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा दोपहिया वाहनों से भी बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार पहुंच रहे हैं।
कांवड़ मेले के आगे बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार हरिद्वार कांवड़ मेले में कांवड़ियों की संख्या का पुराना रिकॉर्ड टूट सकता है।















