चारधाम यात्रा से पहले रुद्रप्रयाग में व्यापक आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित

रुद्रप्रयाग। आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से जनपद रुद्रप्रयाग में शुक्रवार को व्यापक आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान विभिन्न संभावित आपदा परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया।

अभ्यास के तहत चीरबासा क्षेत्र में क्लाउडबर्स्ट एवं फ्लैश फ्लड, बंसवाड़ा–चंद्रापुरी के बीच एनएच-107 पर भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध होने, तथा डोलियादेवी–फाटा क्षेत्र में भूस्खलन के बीच वाहन दुर्घटना जैसी परिस्थितियों का सजीव अभ्यास किया गया। इसके साथ ही केदारनाथ हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग की स्थिति में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन का प्रदर्शन भी किया गया।

इसके अतिरिक्त सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग पर भूस्खलन से यात्रियों के फंसने, जवाड़ी बायपास पर बस दुर्घटना, गुप्तकाशी–केदारनाथ हवाई मार्ग में खराब मौसम के बीच हेलीकॉप्टर लापता होने, तथा गौरीकुंड–केदारनाथ ट्रेक और मंदिर क्षेत्र में बर्फबारी व रेड अलर्ट की स्थिति में राहत कार्यों का सफल अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन और अन्य संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय के साथ भाग लिया और अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जनपद के सात चिन्हित स्थानों पर इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान आपदा की स्थिति में रेस्क्यू प्रक्रिया का व्यावहारिक परीक्षण किया गया और विभागों की तैयारियों को परखा गया।

उन्होंने यह भी बताया कि केदारनाथ धाम और चीरबासा हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू का विशेष अभ्यास किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में यात्रियों के फंसने की स्थिति से निपटने की रणनीति तैयार की गई। इस दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान कुछ सुधार योग्य बिंदु सामने आए हैं, जिन पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि आपदा के समय रिस्पॉन्स टाइम और बेहतर किया जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।