कोटद्वार (उत्तराखंड): कोटद्वार के पटेल मार्ग पर एक कपड़े की दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ते हुए पूरे शहर में संघर्ष का रूप ले चुका है। मामला अब राष्ट्रीय राजनीति तक जा पहुंचा है, जिसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्विट कर अपना पक्ष रखा है और इस विवादित घटना में शामिल व्यक्ति मोहम्मद दीपक को “हीरो” बताया है।
राहुल गांधी ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं और वे संविधान तथा इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि संविधान को भाजपा और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साजिश कर रहे हैं और ऐसे में दीपक नफरत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान लेकर खड़े हैं, जो सत्ता के लोगों को सबसे ज़्यादा चुभ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ परिवार देश में आर्थिक और सामाजिक ज़हर घोल रहा है ताकि भारत बंटता रहे और कुछ लोग डर के सहारे शासन कर सकें। राहुल गांधी ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड की बीजेपी सरकार उन असामाजिक ताक़तों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने-धमकाने में लगी हैं। उन्होंने कहा, “शांति के बिना विकास सिर्फ एक जुमला है। हमें और दीपकों की ज़रूरत है, जो झुकें नहीं, डरें नहीं, और संविधान के साथ खड़े रहें।”
पटेल मार्ग पर विवाद पुलिस प्रशासन के लिए मुश्किल बन गया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की ताज़ा हंगामे के बाद पुलिस ने शहर में अलर्ट मोड घोषित कर दिया है।
पुलिस दो दिनों से रात में फ्लैग मार्च कर रही है और खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है।
कौड़िया (यूपी-यूके) सीमा पर वाहन चेकिंग भी सघन कर दी गई है, ताकि बाहरी प्रांतों से तनाव फैलाने वाले लोगों के आने पर नियंत्रण रखा जा सके।
जिले भर के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कोटद्वार बुला लिए गए हैं और दो प्लाटून पीएसी भी तैनात हैं।
26 जनवरी को बरोट क्षेत्र के बजरंग दल कार्यकर्ताओं और एक कपड़े की दुकान वाले व्यापारी के समर्थकों के बीच तीखी नोक-झोंक और मारपीट हुई थी। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे आक्रोशित बजरंग दल कार्यकर्ता देहरादून और हरिद्वार से कोटद्वार पहुंचे और पटेल मार्ग तथा बाद में मालवीय उद्यान में जमकर हंगामा किया।
पुलिस के मुताबिक इस मामले में दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर जांच जारी है। बजरंग दल कार्यकर्ता मोहम्मद दीपक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रविवार को हरिद्वार और देहरादून से तीन-चार जिम संचालक युवक कोटद्वार पहुंचे और उनसे मिलने आए मोहम्मद दीपक को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने थाने बुलाकर पूछताछ की। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाहर के लोगों को माहौल बिगाड़ने के लिए नहीं आने दिया जाएगा।
जमीअत उलेमा-ए-हिंद उत्तराखंड ने डीजीपी कार्यालय को एक पत्र लिखकर दीपक कुमार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि 26 जनवरी के दौरान दीपक ने एक मुस्लिम दुकानदार की जान बचाई थी और हिंसा के बीच मानवीय भूमिका निभाई थी, लेकिन अब उन्हें लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली कासमी ने कहा कि दीपक ने सामाजिक सौहार्द और इंसानियत का परिचय दिया, लेकिन अब देवभूमि की शांत छवि धूमिल हो रही है।
उपाध्यक्ष मुफ्ती रईस अहमद कासमी ने डीजीपी से अनुरोध किया कि उन लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाए जिन्होंने तोड़-फोड़ की कोशिश की।
कोटद्वार में पुलिस सतर्क है, शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। विवाद किस दिशा में जाता है, यह आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगा।















