पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर Karachi में पिछले तीन दिनों के भीतर अंधाधुंध फायरिंग की कई घटनाओं ने लोगों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। इन घटनाओं में अब तक कम से कम 9 लोग घायल हो चुके हैं, जबकि हमलावरों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, 4 से 6 अप्रैल के बीच शहर के अलग-अलग इलाकों में अचानक गोलियां चलने की घटनाएं सामने आईं। पुलिस का कहना है कि कुल अपराध दर में गिरावट आई है, लेकिन इस तरह की बेतरतीब फायरिंग की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं।
सबसे गंभीर घटना में 22 वर्षीय अयान को कोरंगी इलाके में सीने में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत Jinnah Postgraduate Medical Centre में भर्ती कराया गया।
इसके अलावा, 45 वर्षीय शेरीना, 52 वर्षीय जमीला बेगम, 27 वर्षीय बिलाल अहमद, 12 वर्षीय मुजम्मिल, 30 वर्षीय मुर्तजा, 28 वर्षीय नौमान, 74 वर्षीय नसीर और 39 वर्षीय नजमा भी अलग-अलग स्थानों पर घायल हुए।
इन घटनाओं में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी वर्ग के लोग शिकार बने हैं, जिससे साफ है कि फायरिंग किसी एक समूह को निशाना बनाकर नहीं की जा रही, बल्कि यह पूरी तरह बेतरतीब है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर मामलों में गोलियां अज्ञात स्थानों से चलाई गईं, जिससे हमलावरों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। जांच एजेंसियां मामले की छानबीन कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोग अब न बाहर सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और न ही अपने घरों में। नागरिकों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि संबंधित एजेंसियां इस तरह की घटनाओं को रोकने में नाकाम रही हैं।
लगातार हो रही फायरिंग की घटनाओं ने Karachi में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।















