निर्वाचन आयोग के खिलाफ उत्तराखंड कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, सचिवालय कूच कर उठाई कई मांग

देहरादून, 25 सितंबर।

भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने शुक्रवार को देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से सचिवालय की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।

प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा तथा अनुशासन समिति अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी सहित पार्टी के विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोका

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सचिवालय कूच के दौरान पुलिस ने सुभाष रोड के पास बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर प्रदर्शन किया तथा निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।

राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

कांग्रेस नेताओं ने उपजिलाधिकारी सदर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सहित निर्वाचन आयुक्तों को पद से हटाने, निर्वाचन आयोग के पूर्व निर्णयों की समीक्षा/निरस्तीकरण तथा नए निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति सहित कई मांगें रखी गईं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और SIR प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए हैं। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग

प्रदेश कांग्रेस ने विशेष रूप से फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाताओं के नाम हटाने के लिए दाखिल की जा रही आपत्तियों की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने मांग की कि SIR के दौरान प्राप्त सभी फॉर्म-7 आवेदनों का विधानसभा और बूथवार विवरण सार्वजनिक किया जाए तथा बड़ी संख्या में आपत्तियां दाखिल करने वाले व्यक्तियों के मामलों की जांच की जाए।

कांग्रेस ने यह भी मांग की कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम केवल आपत्ति के आधार पर मतदाता सूची से नहीं हटाया जाए। पार्टी के अनुसार नाम हटाने से पहले संबंधित मतदाता का उचित सत्यापन और उसे सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने राष्ट्रपति के समक्ष निम्न प्रमुख मांगें रखीं—

  1. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद से इस्तीफे की मांग।
  2. मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
  3. मतदाता का नाम हटाने से पहले निष्पक्ष जांच और सुनवाई का अधिकार सुनिश्चित करना।
  4. राजनीतिक दलों की निर्वाचन संबंधी शिकायतों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण।
  5. निर्वाचन प्रक्रिया में पक्षपात या मनमानी की शिकायतों की स्वतंत्र जांच।
  6. मतदाता सूची से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों और आपत्तियों के निस्तारण की जानकारी सार्वजनिक करना।
  7. पात्र मतदाताओं के नाम किसी दबाव या अनुचित प्रक्रिया के कारण नहीं हटाए जाने की व्यवस्था।
  8. निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता, संवैधानिक गरिमा और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए संस्थागत सुधार।
  9. SIR के दौरान प्राप्त फॉर्म-7 आवेदनों का विधानसभा एवं बूथवार विवरण सार्वजनिक करना तथा असामान्य संख्या में आवेदन दाखिल करने वालों की जांच करना।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता की भूमिका सर्वोच्च है और मतदाता सूची की शुद्धता एवं निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के विश्वास के लिए महत्वपूर्ण है। पार्टी ने राष्ट्रपति से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक संवैधानिक एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन में विधायक ममता राकेश, फुरकान अहमद, लखपत बुटोला, रवि बहादुर, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, पूर्व विधायक रंजीत रावत, ओम गोपाल रावत, ललित फर्स्वाण, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी, मीडिया चेयरमैन एवं उपाध्यक्ष राजीव महर्षि, महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कांग्रेस के अनुसार प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।