देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कुंभ से जुड़े सभी कार्य अक्टूबर माह तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता कुंभ मेले का भव्य, दिव्य और सफल आयोजन है। उन्होंने चेतावनी दी कि कुंभ से संबंधित कोई भी फाइल शासन स्तर पर लंबित न रहे, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सचिव, लोक निर्माण विभाग (PWD) को 24 घंटे के भीतर कुंभ मेले के लिए तकनीकी अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा।
साथ ही कुंभ क्षेत्र में बने सभी पुलों का तकनीकी ऑडिट कराने और घाटों के सौंदर्यीकरण व आवश्यकता अनुसार पुनर्निर्माण के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए हर की पैड़ी सहित अन्य घाटों पर भी सुगम स्नान व्यवस्था होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पर्याप्त पुलिस बल, जल पुलिस, ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए। कानून-व्यवस्था, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन के लिए अलग से विस्तृत योजना तैयार करने को भी कहा गया।
मुख्यमंत्री ने कुंभ क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों को समय पर भूमि आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और इसकी निगरानी मेलाधिकारी को स्वयं करने को कहा। उन्होंने संत समाज, मठों, संस्थाओं, समितियों और स्थानीय लोगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर उनके सुझावों के अनुरूप तैयारियां करने पर बल दिया।
श्रद्धालुओं को आवाजाही में परेशानी न हो, इसके लिए कुंभ क्षेत्र में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। वन संबंधी मामलों में शीघ्र अनुमति लेने और अन्य राज्यों से समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ से जुड़े विकास कार्य सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर भी दिखाई देने चाहिए। उन्होंने आवास, टेंट सिटी, अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस और मोबाइल चिकित्सा दल की समय से व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुंभ मेला भारत की संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह एक महान धार्मिक आयोजन है और इसे सफल बनाना सभी की जिम्मेदारी है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, रेनू बिष्ट, अनुपमा रावत, रवि बहादुर, उत्तराखंड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल. फैनई, आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।















