बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) की टीम ने मंगलवार को जेल में करीब चार से पांच घंटे तक छापेमारी की। इस दौरान रेवन्ना की बैरक से एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक सहायक जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
CCB की छापेमारी में बैरक से मिला फोन
पुलिस महानिदेशक (जेल एवं सुधार सेवाएं) आलोक कुमार ने बताया कि CCB ने मंगलवार दोपहर परप्पना अग्रहारा जेल में तलाशी अभियान चलाया था। हाई-सिक्योरिटी जेल में बंद हाई-प्रोफाइल और अन्य कैदियों की बैरकों की जांच की गई।
इसी दौरान प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि फोन किसी दूसरे कैदी का था और रेवन्ना ने कथित तौर पर इसका इस्तेमाल कुछ कॉल करने के लिए किया था। CCB ने इस संबंध में परप्पना अग्रहारा थाने में शिकायत दर्ज कराई है और FIR दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
जेल अधिकारी पर गिरी गाज
मामले में जेल प्रशासन की लापरवाही सामने आने के बाद कार्रवाई भी की गई है। पुलिस महानिदेशक (दक्षिण) की रिपोर्ट के आधार पर सहायक अधीक्षक इरन्ना रंगापुर को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
वहीं, बेंगलुरु केंद्रीय कारागार के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रतिबंधित मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचा।
6 अगस्त की तलाशी में नहीं मिला था कोई प्रतिबंधित सामान
खास बात यह है कि जेल अधिकारियों ने 6 अगस्त को भी प्रज्वल रेवन्ना की बैरक की तलाशी ली थी, लेकिन उस समय कोई प्रतिबंधित सामान बरामद नहीं हुआ था। इसके कुछ दिन बाद CCB की तलाशी में मोबाइल फोन मिलने से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, 11 अगस्त की तलाशी के दौरान फोन के अलावा कोई अन्य प्रतिबंधित सामान नहीं मिला।
मई 2024 में हुई थी गिरफ्तारी
प्रज्वल रेवन्ना को यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में मई 2024 में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें दुष्कर्म के एक मामले में दोषी ठहराया गया। अगस्त 2025 में बेंगलुरु की विशेष अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल में बंद हैं।
पूर्व सांसद के जेल में रहते हुए मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की खबर ने अब जेल प्रशासन की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। CCB की जांच में यह साफ होने की उम्मीद है कि फोन किसका था, वह जेल के अंदर कैसे पहुंचा और रेवन्ना ने उसका इस्तेमाल किन लोगों से संपर्क करने के लिए किया।














