देशभर में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई गई है, वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कश्मीर घाटी में 22 और 23 जनवरी को बर्फबारी और बारिश हो सकती है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में 23 जनवरी को भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में ठंड बढ़ने के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की सफेद चादर बिछ सकती है।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 22 से 24 जनवरी के बीच बारिश हो सकती है। इस दौरान कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली में 23 जनवरी को बारिश हो सकती है, जबकि लखनऊ में 23 और 24 जनवरी को बादल छाए रहने, हल्की बारिश और गरज-चमक की आशंका है।
इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी भी जारी की गई है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। हालांकि, इसके बाद अगले पांच दिनों में तापमान धीरे-धीरे 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
मध्य भारत में भी अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान स्थिर रहने की संभावना है, जबकि इसके बाद तीन दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा जाएगा। हालांकि, इसके बाद अगले पांच दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। देश के अन्य हिस्सों में भी फिलहाल न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
कुल मिलाकर आने वाले दिनों में पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से मौसम ठंडा तो रहेगा, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।














