रुद्रप्रयाग पुलिस ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों से अवैध वसूली करने वाले घोड़ा हॉकर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए यात्रियों से लिए गए ₹39,500 वापस करवाए हैं।
पुलिस के अनुसार, 28 मई 2026 को भीमबली के पास चेकिंग के दौरान मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से केदारनाथ धाम दर्शन के लिए आए तीर्थयात्रियों ने शिकायत की कि गौरीकुंड क्षेत्र में कुछ घोड़ा हॉकर्स ने 6 घोड़ों के लिए उनसे करीब ₹39,500 वसूल लिए। यात्रियों में दिनेश विश्वकर्मा, राकेश पटेल, दीपक राय, श्रीमती निर्मला, श्रीमती संगीता गाडेकर और श्रीमती मालिनी रखूंदे शामिल थे।
जांच में सामने आया कि घोड़ा हॉकर्स ने जिला पंचायत की कोई अधिकृत पर्ची नहीं काटी थी और प्रत्येक यात्री से ₹6,500 प्रति सवारी वसूले गए थे, जबकि गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक घोड़े का निर्धारित सरकारी किराया ₹3,500 है।
पुलिस ने जब संबंधित हॉकर्स से घोड़ों के लाइसेंस मांगे तो उनके पास कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला। जांच में यह भी पता चला कि उपयोग किए जा रहे घोड़े सवारी के लिए पंजीकृत नहीं थे, बल्कि माल वाहक घोड़े थे।
तीर्थयात्रियों के साथ हुई इस धोखाधड़ी का संज्ञान लेते हुए रुद्रप्रयाग पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर पूरी राशि यात्रियों को वापस दिलाई। साथ ही बिना लाइसेंस, बिना पर्ची और निर्धारित दर से अधिक वसूली करने वाले घोड़ा हॉकर्स के खिलाफ 81 पुलिस एक्ट के तहत चालान किया गया।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा मार्ग पर अनधिकृत गतिविधियों, ओवररेटिंग और तीर्थयात्रियों से ठगी करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।











