तपोवन रोड पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, 700 वर्गमीटर भूमि कराई कब्जामुक्त, विरोध के बीच ढहाए अवैध निर्माण

देहरादून में नगर निगम ने सोमवार को तपोवन रोड क्षेत्र में अपनी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 700 वर्गमीटर भूमि को कब्जामुक्त करा लिया। कार्रवाई के दौरान वन गूजरों के विरोध के चलते कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में निगम की टीम ने अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई पूरी की।

निगम भूमि पर था अवैध कब्जा

जानकारी के अनुसार, तपोवन रोड स्थित सोम बस्ती में नगर निगम की वन क्षेत्र से सटी भूमि पर कुछ वन गूजरों द्वारा कब्जा कर तीन झुग्गियों का निर्माण कर लिया गया था। स्थानीय निवासियों की ओर से लंबे समय से इस अतिक्रमण की शिकायत नगर निगम से की जा रही थी।

शिकायतों के सत्यापन के बाद सोमवार को नगर निगम की टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।

विरोध के बीच चली कार्रवाई

कार्रवाई शुरू होते ही वहां रह रहे लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने जेसीबी मशीन के आगे लेटकर कार्रवाई रोकने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया।

इस दौरान पुलिस और विरोध कर रहे लोगों के बीच तीखी नोकझोंक तथा धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए विरोध कर रहे लोगों को पीछे हटाया, जिसके बाद निगम की टीम ने तीनों अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।

700 वर्गमीटर भूमि कराई गई कब्जामुक्त

नगर निगम की भूमि अधीक्षक पूनम रावत ने बताया कि निगम की लगभग 700 वर्गमीटर भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण हटाकर पूरी भूमि को कब्जामुक्त करा लिया गया है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम की संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सड़क और फुटपाथों से भी हटाया अतिक्रमण

नगर निगम की एक अन्य टीम ने लालपुल से निरंजनपुर क्षेत्र तक सड़क एवं फुटपाथों पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान 17 स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया और नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई भी की गई।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में सार्वजनिक भूमि, सड़क और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।