देहरादून। उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 13 जून तक का मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी छह दिनों तक पर्वतीय जिलों में और अगले तीन दिनों तक मैदानी जिलों में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को राज्य के पांच पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। इनमें गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली तथा कुमाऊं मंडल के बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बादलों की गर्जना के साथ हल्की वर्षा हो सकती है, जबकि राज्य के अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
मंगलवार को भी मौसम का यही रुख बना रहेगा और इन्हीं पांच पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।
बुधवार को मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इस दिन राज्य के सभी पर्वतीय जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों में मौसम शुष्क बना रह सकता है।
गुरुवार 11 जून को पूरे प्रदेश में वर्षा गतिविधियों के विस्तार की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जबकि राज्य के अन्य जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।
शुक्रवार 12 जून को भी पूरे प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पर्वतीय जिलों के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गर्जना हो सकती है। वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। 13 जून को भी मौसम का यही पैटर्न बने रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अत्यंत कम रहा। विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों तथा किसानों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।











