प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राष्ट्र एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर “संवाद से समाधान” की भावना को साकार करते हुए वर्षों से लंबित मामलों पर सहमति बनाने का कार्य कर रही है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में यमुना नदी के पुनर्जीवन से जुड़ी बहुप्रतीक्षित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बन गई है।
बैठक में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान ने परियोजना के क्रियान्वयन हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति व्यक्त की। MoU पर हस्ताक्षर होने के बाद परियोजना को अनुमोदन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय जल शक्ति सचिव, विद्युत मंत्रालय के सचिव, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड के मुख्य सचिवों सहित गृह मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के जल घटक की लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार केंद्रीय सहायता के रूप में वहन करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत व्यय छह राज्यों द्वारा साझा किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, हिमाचल प्रदेश के विद्युत घटक की लागत में हिस्सेदारी के बदले हिमाचल प्रदेश को आवंटित जल का एक भाग दिल्ली और राजस्थान को उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी। यह निर्णय स्वच्छ, अविरल और निर्मल यमुना के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे यमुना नदी में शुद्ध जल का प्रवाह बढ़ेगा और नदी के पुनर्जीवन को नई गति मिलेगी।
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना न केवल जल संरक्षण और जलापूर्ति को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि ऊर्जा उत्पादन, सिंचाई और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह परियोजना केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग एवं समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।











