देहरादून। उत्तराखण्ड में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए चमोली जनपद के तपोवन क्षेत्र में भू-तापीय ऊर्जा (जियो थर्मल एनर्जी) परियोजना के विकास के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड में उपलब्ध भू-तापीय ऊर्जा संसाधनों के वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है।
इस संबंध में यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि सीमांत जनपद चमोली के तपोवन क्षेत्र में प्रस्तावित भू-तापीय ऊर्जा परियोजना की योजना, विकास एवं क्रियान्वयन के लिए निगम द्वारा उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति परियोजना की तकनीकी, वित्तीय एवं वाणिज्यिक व्यवहार्यता का विस्तृत अध्ययन कर भू-तापीय ऊर्जा के दोहन तथा चरणबद्ध विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करेगी।
उन्होंने बताया कि समिति परियोजना के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों, अनुसंधान संस्थानों तथा विशेषज्ञ एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करेगी। उनका कहना था कि उत्तराखण्ड में उपलब्ध भू-तापीय ऊर्जा संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है।
अजय कुमार सिंह ने कहा कि भू-तापीय ऊर्जा एक विश्वसनीय, स्वच्छ एवं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहने वाला नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, जो राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। परियोजना के सफल क्रियान्वयन से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी तथा कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही पर्यटन, सेवा क्षेत्र एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन प्राप्त होगा।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि भू-तापीय ऊर्जा परियोजना के सफल विकास से उत्तराखण्ड वैकल्पिक एवं नवाचार आधारित ऊर्जा तकनीकों के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है। यह परियोजना भविष्य में हरित हाइड्रोजन, जिला ताप प्रणाली (डिस्ट्रिक्ट हीटिंग), कृषि प्रसंस्करण तथा अन्य औद्योगिक उपयोगों के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।
उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं हरित ऊर्जा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। साथ ही मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन तथा ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम के सतत मार्गदर्शन एवं सहयोग को भी परियोजना की प्रगति में महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ प्रशासनिक नेतृत्व के सक्रिय समर्थन से राज्य में नवाचार आधारित ऊर्जा परियोजनाओं को गति मिल रही है और उत्तराखण्ड स्वच्छ ऊर्जा तथा हरित विकास के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रहा है।
तपोवन क्षेत्र में उपलब्ध भू-तापीय संसाधनों के प्रभावी दोहन से उत्तराखण्ड ऊर्जा आत्मनिर्भरता, हरित विकास और सतत आर्थिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएगा। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के साथ-साथ हरित हाइड्रोजन एवं अन्य उन्नत हरित प्रौद्योगिकियों के विकास को भी गति प्रदान करेगी। इससे उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी हरित ऊर्जा राज्यों में विशिष्ट पहचान मिलने की संभावना है।












