देहरादून — उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी विकास को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनमें लोकतंत्र सेनानी पेंशन से लेकर पेयजल, सिंचाई, शिक्षा, सड़क और कारागार अवसंरचना से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने श्रीमती देवकी काण्डपाल, पत्नी स्वर्गीय जयदत्त काण्डपाल, निवासी कुसुमखेड़ा, हल्द्वानी (जनपद नैनीताल) को 17 मई 2023 से ₹20,000 प्रतिमाह लोकतंत्र सम्मान पेंशन अनुमन्य किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
अमृत 2.0 योजना के तहत बड़ी स्वीकृतियाँ
- राज्य में जल संरक्षण और पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री ने अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत कई परियोजनाओं को मंजूरी दी—
- वार्ड नं. 59, सीतापुर सरोवर (नगर निगम हरिद्वार) में वाटर बॉडी रीजुविनेशन के लिए ₹1.68 करोड़
- रायपुर विकासखंड, बांदल नदी में नहर शीर्ष पर जल संरक्षण एवं संवर्द्धन कार्य हेतु ₹2.19 करोड़
- बीजापुर नहर हेड के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए ₹5.00 करोड़
- लोहाघाट टाउन पम्पिंग पेयजल योजना (उत्तराखंड पेयजल निगम) हेतु ₹84.45 करोड़
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र को भी सहयोग देते हुए—
- डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय बालक छात्रावास, कंडोली (देहरादून) के अनुरक्षण कार्य हेतु ₹46.56 लाख
- राजा बाबू पब्लिक इंटर कॉलेज, आसफग्रांट (हरिद्वार) को
- हाईस्कूल कक्षाओं के लिए ₹2 लाख
- इंटरमीडिएट कक्षाओं के लिए ₹3 लाख
कुल ₹5 लाख का आवर्तक सहायता अनुदान - हर्ष पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, मूलदासपुर माजरा (हरिद्वार) को ₹1 लाख प्रतिवर्ष प्रोत्साहन अनुदान
जिला कारागार देहरादून में सुरक्षा और विद्युत आपूर्ति बेहतर करने के लिए पुरानी भूमिगत केबल एवं पैनल बदलकर नई आर्मर्ड केबल व पैनल स्थापित करने हेतु ₹85.22 लाख स्वीकृत किए गए हैं।
पिथौरागढ़ जनपद के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई—
- डीडीहाट क्षेत्र, अखुली ग्राम पंचायत में संपर्क मार्ग हेतु ₹54.80 लाख
- धारचूला क्षेत्र, जोशागांधी नगर से कोटाखड़िक इमला ट्रैक/अश्वमार्ग (TSP) हेतु शेष ₹30.55 लाख
- पिथौरागढ़ क्षेत्र, मूनाकोट विकासखंड में घुर्चू तोक पंतरा से अखुली तोक बुर्गर तक मार्ग निर्माण हेतु ₹83.93 लाख
इन स्वीकृतियों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार जल संरक्षण, शिक्षा, आधारभूत ढांचा और दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दे रही है। विशेष रूप से सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण से स्थानीय निवासियों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।














