मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा में भाग लिया

नई दिल्ली, 6 जनवरी 2026 — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की प्रमुख सड़कों और राजमार्ग परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया।

ऋषिकेश बाईपास (NH-07): तीनपानी से योगनगरी होते हुए खारास्रोत तक 12.67 किमी लंबाई में चार लेन बाईपास, अनुमानित लागत 1161.27 करोड़ रुपये। इसमें 4.876 किमी हाथी कॉरिडोर हेतु एलिवेटेड मार्ग, चंद्रभागा नदी पर 200 मीटर सेतु, रेलवे पोर्टल पर 76 मीटर लंबाई का आरओबी और श्यामपुर रेलवे क्रॉसिंग पर 318 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी प्रस्तावित है।

  • अल्मोड़ा-दन्या-पनार-घाट मार्ग (NH-309B): 76 किमी में दो लेन चौड़ीकरण, अनुमानित लागत 988 करोड़ रुपये।
  • ज्योलिकोट-खैरना-गैरसैंण-कर्णप्रयाग मार्ग (NH-109): 235 किमी लंबाई में दो लेन चौड़ीकरण।
  • अल्मोड़ा-बागेश्वर-काण्डा-उडियारी बैंड मार्ग (NH-309A): पैकेज 1, 2 और 5 में कुल 84.04 किमी, लागत 1001.99 करोड़ रुपये। काण्डा से बागेश्वर खंड के लिए वनभूमि हस्तांतरण की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की सड़कें केवल तीर्थाटन और पर्यटन के लिए नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास, सीमावर्ती सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क नेटवर्क के सशक्तिकरण की सराहना की।

चारधाम यात्रा परियोजना के तहत राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 12,769 करोड़ रुपये की महामार्ग परियोजना स्वीकृत की गई है। उत्तराखण्ड में कुल 3,723 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग हैं, जिनमें से लगभग 336 किमी परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। वर्तमान में लगभग 193 किमी सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसकी अनुमानित लागत 15,890 करोड़ रुपये से अधिक है।

पर्यावरणीय संवेदनशीलता का ध्यान रखते हुए राजाजी टाइगर रिजर्व जैसे क्षेत्रों में एलिवेटेड रोड, वाइल्डलाइफ अंडरपास और न्यूनतम भूमि उपयोग जैसे उपाय अपनाए जा रहे हैं। सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में सिविल कार्य लगभग 90% पूरा हो चुका है और मार्च 2027 तक परियोजना पूर्ण होने का लक्ष्य है।

बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों पर समुचित कार्यवाही की जाएगी और राज्य में चल रही परियोजनाओं को गुणवत्ता और समय-सीमा के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, हर्ष मल्होत्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखण्ड में सड़क अवसंरचना परियोजनाओं के तेजी से निर्माण से राज्य में सुगम, सुरक्षित और आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित हो रहा है, जो पर्यटन, तीर्थाटन और आर्थिक विकास को नई गति देगा।