अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सेहत को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने स्वीकार किया है कि वह डॉक्टरों की सलाह से अधिक मात्रा में रोजाना एस्पिरिन का सेवन कर रहे हैं। उन्होंने अपने हाथों पर दिखने वाले नीले निशानों का कारण भी इसी को बताया।
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, द वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में 79 वर्षीय राष्ट्रपति ने कहा,
“डॉक्टर कहते हैं कि एस्पिरिन खून को पतला करने के लिए अच्छी होती है। मैं नहीं चाहता कि मेरे दिल में गाढ़ा खून बहे। मैं चाहता हूं कि दिल में अच्छा, पतला खून बहे।”
ट्रंप ने हाल ही में सामने आई उन रिपोर्ट्स का भी जिक्र किया, जिनमें उनके दाहिने हाथ पर नीले निशान और बाएं हाथ पर रंग बदलते नए निशान दिखाई दिए थे। उन्होंने कहा,
“वे चाहते हैं कि मैं छोटी गोली लूं, लेकिन मैं बड़ी गोली लेता हूं। मैं यह सालों से कर रहा हूं और इससे नीले निशान पड़ जाते हैं।”
इंटरव्यू के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि व्हाइट हाउस के डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह स्वस्थ बताया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने लगातार तीसरी बार कॉग्निटिव टेस्ट पास किया है।
ट्रंप ने लिखा,
“मेरा पक्का मानना है कि राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने वाले हर व्यक्ति को अनिवार्य रूप से एक मजबूत और प्रमाणित कॉग्निटिव टेस्ट देना चाहिए। हमारा महान देश बेवकूफ या नाकाबिल लोगों द्वारा नहीं चलाया जा सकता।”
CNN ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से बताया कि ट्रंप के डॉक्टर डॉ. सीन बारबाबेला के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति रोजाना 325 मिलीग्राम एस्पिरिन लेते हैं। जबकि आमतौर पर कम डोज वाली एस्पिरिन 75 से 100 मिलीग्राम के बीच होती है, जिसमें 81 मिलीग्राम सबसे अधिक प्रचलित है। विशेषज्ञों के मुताबिक, 325 मिलीग्राम से अधिक की रोजाना खुराक से प्रभाव बढ़ने की बजाय ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रोफेसर और पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति डिक चेनी के लंबे समय तक कार्डियोलॉजिस्ट रहे डॉ. जोनाथन राइनर ने इस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा,
“दिन में एक एस्पिरिन लेने से इस तरह के नीले निशान पड़ना आम बात नहीं है। सवाल यह है कि क्या राष्ट्रपति ऐसी कोई अन्य दवाएं भी ले रहे हैं, जिनकी जानकारी व्हाइट हाउस ने सार्वजनिक नहीं की है?”
इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले साल अक्टूबर में कराया गया उनका स्कैन CT स्कैन था, न कि MRI, जैसा कि पहले बताया गया था।














