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पश्चिम एशिया तनाव: नेपाल ने बनाया आपात राहत दल, नागरिकों की सुरक्षा पर जोर

पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच नेपाल ने एहतियाती कदम उठाते हुए एक आपात राहत दल का गठन किया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने की खबरों के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है और कई देशों में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।

नेपाल के नेपाल विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। मंत्रालय ने विदेश सचिव अमृत बहादुर राय की अध्यक्षता में एक आपात राहत दल का गठन किया है, जो युद्ध की स्थिति को देखते हुए राहत और निकासी रणनीति तैयार करेगा।

मंत्रालय ने कहा है कि विभिन्न खाड़ी देशों में रह रहे नेपाली नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और फिलहाल सभी नागरिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। साथ ही, नेपाल ने मतभेदों को कूटनीति और संवाद के माध्यम से सुलझाने तथा नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखने का आह्वान किया है।

अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। जवाबी कार्रवाई में ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने “ऑपरेशन ट्रुथफुल प्रॉमिस 4” के तहत इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

तेल अवीव और यरुशलम में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गए, जबकि खाड़ी देशों में भी हमलों की खबरें सामने आई हैं। कुवैत में अमेरिकी एयर बेस पर हमले की सूचना है। दुबई, दोहा और अबू धाबी समेत कई शहरों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

नेपाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है, तो खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में काम कर रहे दक्षिण एशियाई नागरिकों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में नेपाल का यह कदम एहतियाती और रणनीतिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।